– केन्द्रीय संचार मंत्री सिंधिया ने प्रधानमंत्री संग्रहालय में फिलैटेलिक प्रदर्शनी का किया उदघाटन
– डाक टिकटों के माध्यम से भारत की विरासत, लोकतंत्र और एकता का जीवंत प्रदर्शन
नई दिल्ली, 14 अप्रैल। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर आयोजित विशेष फिलैटेलिक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी डाक विभाग द्वारा आयोजित की गई है, जिसमें भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक यात्रा को डाक टिकटों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
केद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि यह डाक टिकट भारत की समृद्ध विरासत, संस्कृति और लोकतांत्रिक मूल्यों के सशक्त प्रतीक हैं। प्रदर्शनी में विशेष डाक टिकटों के माध्यम से भारत की ऐतिहासिक यात्रा और राष्ट्रीय पहचान को प्रभावी रूप से दर्शाया गया है। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री संग्रहालय स्थित फिलैटेली संग्रहालय का भी भ्रमण किया और डाक सेवाओं के विकास एवं उनके योगदान की जानकारी प्राप्त की।
युवा फिलैटेलिस्ट्स से संवाद, नवाचार और रचनात्मकता को सराहा
इस अवसर पर सिंधिया ने युवा फिलैटेलिस्ट्स, डाक टिकट संग्राहकों एवं डिजाइनरों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं के उत्साह और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी भारत की डाक विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ उसे आधुनिक दृष्टिकोण से आगे बढ़ा रही है।
डाक विभाग और प्रधानमंत्री संग्रहालय के बीच सहयोग को बताया महत्वपूर्ण कदम
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने डाक विभाग और प्रधानमंत्री संग्रहालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन को सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि यह सहयोग भारत की सांस्कृतिक एवं डाक विरासत को और व्यापक रूप से प्रस्तुत करने में सहायक होगा। इसके माध्यम से भविष्य में प्रदर्शनी, जनजागरूकता कार्यक्रम और नवाचार आधारित फिलैटेलिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
डाक विभाग की राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका पर दिया जोर
सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आने वाले अमृतकाल के 22 वर्षों में भी यह अपनी जिम्मेदारी को और सशक्त रूप से निभाता रहेगा। उन्होंने संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने और डॉ. भीमराव आंबेडकर से प्रेरणा लेते हुए सेवा, समावेशिता और राष्ट्रीय एकता के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।


