भिण्ड, 11 फरवरी। रौन में एक घटना ने पुलिस की छवि पर विपरीत प्रभाव डाला है। यहां पदस्थ एक प्रधान आरक्षक पर नशे में धुत्त होकर मजदूर की मारपीट का आरोप लगा है। बताया गया कि केन्द्र सरकार की जन नल-जल योजना में काम कर रहे दो मजदूरों के साथ यह मारपीट हुई। पीड़ित मजदूरों ने थाने में शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी दी गई कि रौन कस्बे में बजाज एजेंसी के सामने नल-जल योजना की पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। मजदूर दीपक बामनिया और राहुल बामनिया काम कर रहे थे, तभी थाना रौन में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष सिंह कुशवाह अपने सहकर्मियों के साथ शराब के नशे में पहुंचे और उन्होंने मजदूरों को जातिसूचक गालियां दीं, विरोध करने पर मारपीट शुरू कर दी।
आरोप लगे कि पुलिसकर्मियों ने बंदूकों के बटों से दोनों मजदूरों पर हमला बोला। साथ ही शराब के लिए पैसे मांगे और न देने पर पिटाई कर दी। इस मामले में पीड़ित दोनों ने थाना प्रभारी रौन को शिकायत में सारी घटना का जिक्र किया। आवेदन में कहा गया कि पुलिसकर्मी नशे में थे और उनका व्यवहार अत्यंत आक्रामक था। उन्होंने न केवल शारीरिक हिंसा की, बल्कि मानसिक रूप से भी अपमानित किया। मजदूरों के शरीर पर चोटों के निशान हैं, जो इस बर्बरता के साक्ष्य हैं। आवेदन में न्याय की मांग करते हुए प्रधान आरक्षक मनीष सिंह कुशवाह और उनके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। थाना प्रभारी ने आवेदन स्वीकार तो किया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
Sunday, September 27
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