भिण्ड, 03 फरवरी। मप्र किसान सभा जिला इकाई भिण्ड ने सांसद में पेश किए गए केन्द्रीय बजट को किसानों और ग्रामीण आबादी के लिए निराशा जनक बताते हुए गोहद, झांकरी, मालनपुर में झण्डे लेकर पुतले दहन किए।
किसान सभा के नेताओं कहा कि इस बजट में फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी देने का कोई प्रावधान नहीं है और न ही यह बजट डॉ. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप सी 2+50 प्रतिशत के फार्मूले पर फसल की एमएसपी तय करने पर कोई प्रावधान रखा गया है। इस बजट में ग्रामीण आबादी के लिए भी कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। बल्कि यह बजट किसानो की कृषि भूमि को छीन कर पूंजीपतियों को देने, जंगल और पहाड़ अदानी को सोपने, ग्रामीण खासकर आदिवासी आबादी को बेदखल कर शहरों मे सस्ते दिहाड़ी मजदूर के रूप में धकेलने का काम करता दिखाई दे रहा है। बजट में मनरेगा के लिए भी कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। वीबी जी राम जी के नाम पर उसे एक तरह से खत्म करने की कोशिश की जा रही है। मप्र किसान सभा ने इस बजट को खेती, किसानी और आम आबादी के लिए निराशा जनक बजट बताया है।
मप्र किसान सभा भिण्ड इकाई ने अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वन पर प्रस्तुत बजट का विरोध करने का फैसला लिया है, इसी कड़ी में सभा जिलाध्यक्ष प्रेम नारायण माहौर, महासचिव राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह कुशवाह ने कृषि विरोधी बजट प्रावधानों का विरोध किया और जगह जगह पुतले दहन किए। मंगलवार को गोहद गोलम्बर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया। इसी प्रकार मालनपुर, झांकरी में भी पुतले दहन कर जनविरोधी बजट के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। इस मौके पर किसान सभा कार्यकर्ता आशाराम माहौर, पुरुषोत्तम कुशवाह, देवाराम कुशवाह, जगदीश माहौर, महिला समिति नेत्री शोभा माहौर, गोहद नपा पूर्व अध्यक्ष गुड्डी बाई माहौर, मुन्नी बाई कुशवाह सहित तमाम कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Thursday, October 1
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण


