भिण्ड, 19 जनवरी। विश्व गीता प्रतिष्ठानम के गीता स्वाध्याय मंडल भिण्ड द्वारा जिले में विगत एक वर्ष से भी अधिक समय से गीता के प्रति लोगों की रुचि बढ़ाने हेतु निरंतर घर-घर गीता का प्रचार हो जन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इटावा रोड स्थित जोशी नगर में सनशाइन एकेडमी कोचिंग में गीता स्वाध्याय का पाठ किया गया।
विश्व गीता प्रतिष्ठानम के मीडिया प्रभारी शैलेश सक्सेना ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य यजमान प्रशांत पाठक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुई। छात्रा वैष्णवी शर्मा ने अतिथियों के आगमन पर स्वागत गीत का गायन किया। जिला संयोजक विष्णु कुमार शर्मा ने स्वाध्याय पत्र एवं सुभाषित का वाचन। उन्होंने यहां उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए गीता के प्रचार प्रसार से संबंधित जानकारी दी, साथ ही छात्र-छात्राओं को नियमित गीता अध्ययन करने एवं अधिक से अधिक संख्या में अन्य छात्र-छात्राओं को जोड़ने का आह्वान किया।
प्रसिद्ध समाजसेवी गगन शर्मा ने प्रेरक प्रसंग द्वारा छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाया। साथ ही गीता का अध्ययन कर किस प्रकार जीवन का कल्याण किया जा सकता है इसका विस्तार से वर्णन किया। जिले के खेल प्रशिक्षक एवं समाजसेवी राधेगोपाल यादव ने कहा कि परमात्मा का वास सभी जीवों में है, मनुष्य को फल की चिंता किए बिना कर्म करना चाहिए, गीता के माध्यम से भगवान ने मानव को हमेशा सत्कर्म में लगे रहने की प्रेरणा दी है। सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार प्रदीप ऋषिश्वर ने छात्रों से निवेदन किया कि वे अपनी विषयगत पढ़ाई के साथ-साथ गीता का भी अध्ययन करें, गीता के माध्यम से सद्विचार और सदाचार को अपना कर जीवन को सार्थक बनाएं।
ज्ञानेन्द्र सिंह भदौरिया ने छात्र-छात्राओं को बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत की युद्ध भूमि में गीता के उपदेश दिए थे, जिसे सर्वश्रेष्ठ ज्ञान में शामिल किया जाता है। श्रीमद् भागवत गीता की प्रसिद्ध केवल भारत तक ही नहीं विदेश में भी फैली हुई है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्णा अर्जुन से कहते हैं कि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर ही है ना कि कर्मों के फल पर, इसलिए व्यक्ति को फल की इच्छा छोड़कर कर्म करते रहना चाहिए, हम जिस विषय वस्तु के बारे में सोचते रहते हैं उससे हमें लगाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में यह आदत खास तौर से देखी जाती है कि जल्दी ही किसी चीज से लगाव रखने लगते हैं और उनकी इच्छा पूरी न होने पर दुखी भी होते हैं। उन्होंने बच्चों को समझाया कि मेहनत करो पर रिजल्ट की चिंता मत करो जैसे हर व्यक्ति के पास अपना मोबाइल फोन है वैसे ही प्रत्येक घर में गीता की पुस्तक होना आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं से कहा कि प्रत्येक दिन कम से कम एक श्लोक अवश्य पढ़ें।
आदित्य चौहान ने अमृत वचन के माध्यम से उपस्थित सभी गीता प्रेमियों एवं छात्र-छात्राओं से सदमार्ग पर चलने, निराश न होने व जीवन में आगे बढ़ते रहने का आह्वान किया, साथ ही सभी से गीता ग्रंथ को अपने जीवन में उतारने का निवेदन किया। ओम नारायण ओझा ने आगंतुक अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया और कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार जताया। अंत में मां गीता की आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस अवसर पर अरविन्द तोमर, राजेन्द्र सिंह भदौरिया, महेन्द्र बाबू तिवारी, उदयभान सिंह कुशवाह, बलदेव शर्मा, राजीव शर्मा, श्यामबाबू शर्मा, सुनील गुप्ता, महेन्द्र दीक्षित, कुलदीप राजावत, दुर्गादत्त शर्मा, अजय शंकर शर्मा, धीरज तिवारी, डॉ. श्रीकांत कुशवाह, अवसर फाउण्डेशन के संचालक शिवम सिंह राजावत, बृजेश शर्मा एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Sunday, April 5
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