भिण्ड, 30 अक्टूबर। रावतपुरा धाम में गुरुवार को अक्षय नवमीं के अवसर पर एक दिवसीय श्रीरामार्चा महायज्ञ का आयोजन किया गया। महायज्ञ के दौरान सैकड़ों श्रद्धालु रावतपुरा धाम में मौजूद रहे।
बता दें कि देश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल रावतपुरा सरकार धाम में अक्षय नवमीं के उपलक्ष्य में रामार्चा महायज्ञ का आयोजन किया गया। जहां पांच पुरोहितों ने वैदिक मंत्रोच्चरणों के साथ मुख्य वेदी एवं अन्य वेदियों का पूजन करवाया। इसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण का सपरिवार पूजन अर्चन किया। रामार्चा महायज्ञ के दौरान वेदियों पर श्रद्धालुओं ने यजमान बनकर श्रीराम की पूजा अर्चना की। श्रीरामार्चा के दौरान वैदिक विधि विधानों से वेदी का पूजन किया गया। जिसके बाद आशु पटैरिया द्वारा वैदिक ऋचाओं का सस्वर पाठ कर अभिमंत्रित जल से पूजन किया। भगवान भोलेनाथ के सानिध्य में भगवान शिव सहित पंच देवताओं का आह्वान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के बाद भगवान विष्णु के सहस्त्र नाम के साथ उनका आह्वान किया। रामार्चा महायज्ञ सुबह नौ बजे से प्रारंभ होकर शाम पांच बजे तक चालू रहा।
इस दौरान रावतपुरा धाम के महंत रविशंकर महाराज ने बताया कि रामार्चा अनुष्ठान वैदिक सभ्यता के सोलह संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है, रामार्चा सकल ब्रह्माण्ड का पूजन है, ब्रह्मांड के प्रत्येक कण में रमा हुआ तत्व है राम। रविशंकर महाराज ने बताया कि रामार्चा स्वयं आदियोगी भगवान शंकर द्वारा प्रदत्त विद्या है। इस एक यज्ञ का फल हजारों अश्वमेद्य यज्ञों समान है। जो व्यक्ति इस अनुष्ठान में सम्मिलित होता है उसके समस्त पाप मिट जाते हैं और कष्टों का निवारण होने के साथ शांति, समृद्धि, शक्ति और विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस मौके पर तरुण नायक, सुनील दुबे, शिवम कुमार समेत अन्य भक्त मौजूद रहे।
Tuesday, September 29
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