– निर्माण एजेंसी ब्लेकलिस्ट कर एफआईआर दर्ज हो
भिण्ड, 22 जनवरी.मनीष दुबे। मप्र विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष एवं अटेर विधायक हेमंत कटारे ने गत दिवस निर्माणाधीन ओवर ब्रिज का स्लैब टूटने पर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। साथ ही सरकार से मांग की है कि निर्माण एजेंसी को ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर दर्ज की जाए।
प्रेस को जारी विज्ञप्ति में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटाने कहा कि लोक निर्माण विभाग द्वारा बाराकलां से जवासा के बीच बनाए जा रहे वायपास रोड के निर्माण में भिण्ड शहर के नजदीक क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। नियमानुसार ओवर ब्रिज निर्माण से पूर्व तकनीकी टीम द्वारा पिलर, स्लैब की क्वालिटी की टेस्टिंग जिसमें सरिया, सीमेंट, रेत और गिट्टी की गुणवत्ता आदि की विधिवत जांच उपरांत ही कार्य कराया जाता है, किन्तु निर्माण एजेंसी एसकेएस कंपनी तथा विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ द्वारा तकनीकी जांच कराए बिना कराया जा रहा था। यह सभी कार्य लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के संरक्षण में निर्माण कार्य में गुणवत्ता के मापदण्डों की निरंतर उपेक्षा करने आम रास्ते पर बेतरतीब पड़ी निर्माण सामग्री व खोदे गऐ गहरे-गहरे गड्डे के स्थान पर संकेतक नहीं लगाने से गंभीर दुर्घटनाएं होने आदि की निरंतर शिकायतें मुझे स्थानीय क्षेत्रवासियों व जागरूक नागरिकों की ओर से मिलती रही हैं। मंगलवार को शहर के नजदीक मेरे क्षेत्र के ग्राम धरई के पास क्रॉसिंग पर कंपनी की ओर से निर्माणाधीन ओवर ब्रिज पर गार्डन (स्लैब) चढ़ाने में कंपनी द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की तथा मजदूरों से बिना सुरक्षा उपकरण के भारी वजन के गार्डर को क्रेन से रखवाते समय गार्डर का एक सिरा क्रेन से खिसककर तेज आवाज के साथ नीचे गिरा जिसमें गार्डन व स्लैब दोनों ही टूट गए। घटना में कुछ मजदूर घायल हुए किन्तु ईश्वर की कृपा है कि आम रास्ता होने से आने-जाने वाले आसपास के कुछ लोग कुछ दूरी पर खड़े थे, नहीं तो जनहानि भी हो सकती थी। प्रशासन से आमजनता सहित मेरी मांग है कि घटना की जांच समिति गठित करायी जाय तथा निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट कर, निर्माण एजेंसी एसकेएस कंपनी तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराई जाए, मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निर्माण एजेंसी तथा विभाग के अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षात्मक उपाय करके ही गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए। मेरा मानना है कि भिण्ड शहर व आस-पास के पूरे क्षेत्र के लिए वायपास रोड अति महत्वपूर्ण कार्य है जिसे अच्छी गुणवत्ता का ही होना चाहिए, इस कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी बर्दास्त नहीं होगी। अगर निर्माण एजेंसी ब्लैकलिस्ट कर एजेंसी एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाती है तो इसमें शासन की मिलीभगत समझी जाएगी और मैं इस संपूर्ण प्रकरण को 16 फरवरी से प्रारंभ हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में मुखरता से प्रस्तुत कर शासन व प्रशासन को कटघरे में खड़ा करूंगा। शासन व प्रशासन का ध्यानाकर्षित कर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने हेतु पुरजोर प्रयास करूंगा।


