– जिला स्तर पर गीता महोत्सव का हुआ आयोजन
– 1100 विद्यार्थियों ने किया श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ
भिण्ड, 01 दिसम्बर। गीता जयंती के अवसर जिला स्तर पर गीता महोत्सव का आयोजन निराला रंग विहार मेला ग्राउण्ड भिण्ड में किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया, मुख्य वक्ता के रूप में भगवताचार्य अनिल पाठक, जनपद अध्यक्ष भिण्ड सरोज बघेल, कलेक्टर भिण्ड किरोड़ी लाल मीणा, सीईओ जिला पंचायत भिण्ड सहित अन्य अधिकारी, छात्र-छात्राएं, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम में 1100 गीता पाठियों (विद्यार्थियों) द्वारा श्रीमद् भगवद् गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष कामना सिंह भदौरिया ने कहा कि गीता सार में जीवन की हर परेशानी का हल छिपा है। गीता हमें जीवन के सच से जोड़ती है, प्रेरणा देती है और असहाय जीवन में नई ऊर्जा भरती है। यह कोई विशेष धर्म नहीं बल्कि मानव जीवन का सार है, जिसमें आत्मचिंतन, मानसिक शांति और मन पर नियंत्रण के सूत्र निहित हैं। गीता हमारे अहंकार और आसक्ति को दूर कर जीवन को सरल और सशक्त बनाती है। इसका संदेश हर परिस्थिति में धैर्य, समर्पण और सही आचरण का है, जो जीवन की कठिनाइयों को दूर करने में सहायक होता है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान का एक छोटा सा बीज आपके मन के अंधकार को दूर कर सकता है। जैसे अंधेरे में एक दीया प्रकाश फैलाता है, वैसे ही ज्ञान हमारी सोच और समझ को उजागर करता है। यह हमारे जीवन में नई दिशा और प्रेरणा देता है। जब हम सीखते हैं, तो हमारी गलत फहमियां और डर मिट जाते हैं। ज्ञान से ही हम अपने आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और बेहतर निर्णय ले पाते हैं। इसलिए, ज्ञान की तलाश कभी बंद न करें, क्योंकि यह अज्ञानता के अंधकार को हटाकर जीवन को उज्ज्वल बनाता है।
मुख्य वक्ता के रूप में पधारे भगवताचार्य अनिल पाठक ने कहा कि भगवद गीता एक शक्ति से भरा ग्रंथ है, जो जीवन की सही दिशा दिखाता है। इसलिए यह आवश्यक है कि सभी छात्र और शिक्षक प्रतिदिन कम से कम एक श्लोक पढ़ें। इससे व्यक्तित्व मजबूत होता है और मानसिक शक्ति मिलती है। रोजाना पढ़ना अनुशासन भी सिखाता है और जीवन में सही निर्णय लेने में मदद करता है। गीता के श्लोक हमें कर्तव्य पालन, तनाव मुक्त जीवन और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देते हैं, इसलिए इसे नियमित रूप से पढ़ना आवश्यक है।


