– महावीर गंज में हुआ महावीर भगवान का जन्म
भिण्ड, 30 मार्च। जैन धर्म के 24वे एवं अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जयंती महोत्सव कार्यक्रम नगर गौरव आचार्य सुबल सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मन्दिर महावीरगंज में आयोजित किया गया। जन्म कल्याणक महोत्सव में सुबह 7 बजे राजा सिद्धार्थ का दरबार सपनों का फलादेश एवं चंदन वाला का नाटक कार्यक्रम, 8 बजे भगवान महावीर स्वामी का जन्म एवं पालना, दोपहर 12 बजे किला गेट से रथ यात्रा प्रारंभ होकर बजरिया, सदर बाजार, परेड चौराहे होते हुए बैण्ड बाजों के साथ लश्कर रोड स्थित कीर्तिस्तंभ पहुंची।
इस अवसर पर आचार्य सुबल सागर महाराज ने प्रवचनों में कहा कि भगवान महावीर स्वामी इस युग के अंतिम तीर्थंकर हुए हैं, उनकी अंतिम वाणी जगत के लिए कल्याण कारी रही है, उनके सूत्र में व्यक्ति विशेष की नहीं जीव मात्र की चर्चा हुई है, जहां छोटे-छोटे जीवों के कल्याण की भावना है तथा प्राणी मात्र का कल्याण हो हर व्यक्ति सुखी रहे, एक इन्द्री जीव से पांच इन्द्री जीव सभी सुखी रहें, जैन धर्म का सिद्धांत अहिंसा वादी रहा है।
भगवान महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक शांतिधारा करने का अवसर विमल जैन, इंजीनियर अंशु जैन कनाडा परिवार को प्राप्त हुआ। जो विधानाचार्य संजय शास्त्री सिहानिया ने विधि विधान से किया। इस अवसर पर जगदीश जैन, राजेन्द्र जैन पप्पू, रतनलाल जैन, विनोद जैन ढोचरा, संजीव जैन, बल्लू चंबल डेरी, विनोद जैन, बिल्लू मुकेश जैन, मुकेश जैन बड़ेरी, पार्षद मनोज जैन, मनीष लोहिया, जिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष धर्मेन्द्र भदौरिया, ग्रामीण अध्यक्ष रामशेष बघेल, बादशाह जैन, यश जैन, ओमप्रकाश अग्रवाल बाबूजी, चक्र जैन, नरेश जैन, शंकर जैन, बॉबी जैन, शालु जैन सहित बड़ी संख्या में महिला, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे।
पंचकल्याण के पात्रों का हुआ सम्मान
भट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में रिदौली एवं पेच नं.2 में होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के पात्रों का सम्मान एवं पत्रिका का विमोचन किया गया।


