भिण्ड, 16 फरवरी। फूप थाने की स्थापना सन 1937 में हुई थी, जो शासन द्वारा थाने की बिल्डिंग व आवासीय कमरे बनाए गए थे वह अब जीर्णशीर्ण अवस्था में हैं, इसी को ध्यान में रखकर मप्र सरकार द्वारा पुरानी बिल्डिंगों की जगह मप्र के कई थानों में नई बिल्डिंग बनाई गईं परंतु कर्मचारियों की आवासीय कमरे एवं थाना परिसर का सौंदर्यीकरण नहीं किया गया।
यहां बता दें कि फूप थाने में सत्येन्द्र सिंह राजपूत की पद स्थापना जनवरी 2024 में थाना प्रभारी के रूप में हुई थी। वैसे तो फूप थाने में कई थाना प्रभारी आए और चले गए, परंतु सत्येन्द्र सिंह राजपूत ने अपने कार्यकाल के दौरान बिना किसी सरकारी बजट के अपने निजी खर्चे पर थाना परिसर में थाने के सामने आरसीसी का प्लेटफार्म बनाया, जिसके चारों तरफ फूल व फल के छायादार पौधे लगाए गए, जवानों की फिटनेस के लिए वॉलीबॉल ग्राउण्ड बनवाया गया, जवानों के आवासीय कमरों की मरम्मत कराई गई एवं थाना परिसर में सुंदर लाइटिंग की व्यवस्था की गई, सुरक्षा एवं असमाजिक तत्वों को ध्यान में रखते हुए थाना परिसर से लेकर सदर बाजार अटेर तिराहे तक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए।
इतना ही नहीं सत्येन्द्र सिंह राजपूत के कार्यकाल में पूरे थाना क्षेत्र में जुआ, सट्टा, नशाखोरी व गुंडागर्दी पूर्ण रूप से बंद हो गई। छुटपुट घटनाओं को छोड़कर बहुत ही सराहनीय पुलिसिंग व्यवस्था की गई। क्षेत्र के आमजन व सामाजिक लोग भी उनके कार्य प्रणाली से बहुत ही खुश हैं। राजपूत की पुलिसिंग व्यवस्था में सहयोगी के रूप में उपनिरीक्षक बीएस परमार, हवलदार सुमित सिंह तोमर, सिपाही राहुल राजावत, नरेन्द्र सिंह यादव, संतोष सिंह जाट, रवि अग्रवाल आदि की भी सराहनीय भूमिका रही।
Thursday, October 1
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण


