– ड्यूटी लगते वक्त शिक्षक ने अपनी बीमारी की दी थी जानकारी, अधिकारी बहाना मानते रहे
भिण्ड, 25 नवम्बर। शहर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लगे एक शिक्षक को मंगलवार सुबह ड्यूटी पर जाते समय हार्ट अटैक आ गया। शिक्षक रविन्द्र शाक्य को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिजनों का आरोप है कि शिक्षक लंबे समय से दिल की बीमारी से जूझ रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बीमारी को नजर अंदाज कर सस्पेंड करने की धमकी देकर काम करने पर मजबूर किया।
मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जब रविन्द्र शाक्य विक्रमपुरा ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी रास्ते में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे सड़क पर ही गिर पड़े। परिजनों ने तुरंत उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें हार्ट अटैक आने की पुष्टि की और उपचार शुरू किया। महावीर गंज निवासी शिक्षक रविन्द्र शाक्य को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) बनाया गया था। बताया जाता है कि वे लंबे समय से हार्ट की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनका इलाज दिल्ली के एम्स अस्पताल में चल रहा है। इसके बावजूद उनकी तैनाती विक्रमपुरा वार्ड क्र.10 में कर दी गई, जबकि उनका मूल पदस्थापन माध्यवर्ती विद्यालय में है और वे वार्ड 31 में रहते हैं।
बताया गया है कि शिक्षक शाक्य ने ड्यूटी लगने के बाद अधिकारियों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट रूप से बता दी थी। उन्होंने बताया था कि उन्हें चक्कर आ रहे हैं और डॉक्टरों ने अत्यधिक शारीरिक व मानसिक दबाव से बचने की सलाह दी है। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद अधिकारी इसे बहाना मानते रहे। रियायत देने के बजाय अधिकारी उन्हें निलंबित करने का भय दिखाते रहे। उन्हें रोजाना सुबह 9 बजे से रात 11 बजे तक गहन मतदाता सूची परीक्षण कार्य में लगाया गया।

