– ई विकास आधारित खाद वितरण प्रणाली का भी मिलेगा लाभ
भिण्ड, 08 मार्च.मनीष दुबे। शासन के निर्देशानुसार फार्मर रजिस्ट्री किए जाने के निर्देशों के क्रम में ग्रामों में शिविर लगाए जा रहे हैं। सभी तहसीलों में कृषकों से संपर्क कर पंजीयन किये जा रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को रौन, तहसील मिहोना के ग्राम चाचीपुरा, तहसील मौ के ग्राम गुहीसर, ग्राम लावन सहित विभिन्न ग्रामों में कैम्प आयोजित कर फार्मर रजिस्ट्री की गई।
मप्र में खाद (यूरिया/ डीएपी) वितरण अब पूरी तरह डिजिटल हो गया है। एक अप्रैल से फार्मर आईडी, आधार और भूमि विवरण लिंक होना अनिवार्य है। फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य समस्त भू-धारियों के डिजिटल रजिस्ट्री तैयार करना है, जिसमें भू-धारियों को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। इस आईडी के माध्यम से योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन एवं कृषि उत्पादों का सुविधा जनक विपणन हो सकेगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा डाटा का बेहतर उपयोग किया जा सकेगा। फार्मर रजिस्ट्री के बाद केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में सीधे लाभ प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसलिए सभी कृषक फार्मर रजिस्ट्री कराएं। जिले के सभी किसानों से अपील की गई है कि वे सीएससी सेंटर अथवा मोबाइल एप या पटवारी के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री अवश्य कराएं।


