भिण्ड, 12 फरवरी। लोगों में रतनगढ़ वाली माता के प्रति कितनी आस्था और विश्वास है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आलमपुर के समीप ग्राम बिड़रा निवासी गजेंद्र सिंह कौरव एवं संजू कौरव लकड़ी के पटिया में लगी लोहे की सैकड़ों नुकीली कीलों पर पेंड़ भरकर (दण्डवत यात्रा कर) रतनगढ़ वाली माता मन्दिर पर दर्शन करने के लिए निकले हैं।
इन दोनों माता के भक्तों की यह कठिन दण्डवत यात्रा गुरूवार को गांव के देव स्थलों पर पूजा अर्चना के पश्चात एक दर्जन से अधिक भक्त गणों के साथ प्रारंभ हुई है और यह भक्तगण अपने गांव भड़ेरी से 30 किमी दूर स्थित रतनगढ़ वाली माता मन्दिर पर संभवत: सोमवार तक पहुंचकर माता के दर्शन कर लेंगे। लकड़ी के पटिया में लगी नुकीली कीलों पर दण्डवत यात्रा करते हुए रतनगढ़ वाली माता मन्दिर पर दर्शन करने के लिए जा रहे गजेन्द्र सिंह कौरव एवं संजू कौरव के साथ गांव के पंकज कौरव, अजमेर कौरव, धर्मेन्द्र कौरव, बृजेन्द्र कौरव, नीलेन्द्र कौरव, रामू कौरव सहित अन्य भक्तगण हाथों में झण्डा लेकर माता के जयकारे लगाते हुए चल रहे हैं। जबकि कुछ सदस्य ट्रैक्टर ट्राली में भोजन सामग्री, पानी और कपड़े इत्यादि रखकर चल रहे है। माता के इन सभी भक्तों ने गुरूवार को रात्रि में आलमपुर के पास विश्राम किया है।
Sunday, April 5
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