– चौकी गांव में चल रही है श्रीमद् भागवत कथा
भिण्ड, 13 फरवरी। जिले के अटेर क्षेत्र के ग्राम चौकी में संतोषी माता मन्दिर प्रांगण में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास 1008 महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष आदि प्रसंगों का वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि सुदामा जी जितेन्द्रिय एवं भगवान कृष्ण के परम मित्र थे। भिक्षा मांगकर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। गरीबी के बावजूद भी हमेशा भगवान के ध्यान में मग्न रहते। पत्नी सुशीला सुदामा जी से बार बार आग्रह करती कि आपके मित्र तो द्वारकाधीश हैं, उनसे जाकर मिलो, शायद वह हमारी मदद कर दें। सुदामा पत्नी के कहने पर द्वारका पहुंचते हैं और जब द्वारपाल भगवान कृष्ण को बताते हैं कि सुदामा नाम का ब्राह्मण आया है। कृष्ण यह सुनकर नंगे पैर दौड़कर आते हैं और अपने मित्र को गले से लगा लेते हैं। उनकी दीन दशा देखकर कृष्ण के आंखों से अश्रुओं की धारा प्रवाहित होने लगती है। सुदामा जी को सिंघासन पर बैठाकर कृष्ण जी सुदामा के चरण धोते हैं। सभी पटरानियां सुदामा जी से आशीर्वाद लेती हैं। सुदामा जी विदा लेकर अपने स्थान लौटते हैं तो भगवान कृष्ण की कृपा से अपने यहां महल बना पाते हैं, लेकिन सुदामा जी अपनी फूस की बनी कुटिया में रहकर भगवान का सुमिरन करते हैं। इसलिए कहा गया है कि जब जब भक्तों पर विपदा आई है प्रभु उनका तारण करने जरुर आए हैं। अगले प्रसंग में शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को सात दिन तक श्रीमद् भागवत कथा सुनाई, जिससे उनके मन से मृत्यु का भय निकल गया। तक्षक नाग आता है और राजा परीक्षित को डस लेता है। राजा परीक्षित कथा श्रवण करने के कारण भगवान के परमधाम को पहुंचते है।
कथा के मध्य गौहद विधायक केशव देसाई, ग्वालियर से युवा भाजपा नेता पुनीत शर्मा पप्पन भैया, जिला पंचायत सीईओ सुनील दुबे, ओमप्रकाश अग्रवाल बाबूजी सहित तमाम लोगों ने कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।


