– रजिस्ट्री में जो सर्वे क्रमांक चढ़ा उस पर नहीं, बल्कि दूसरे सर्वे क्रमांक पर होटल बना
– मन्दिर को कब्जा मुक्त कराने परशुराम सेना ने खोला मोर्चा
भिण्ड, 13 फरवरी। मन्दिर पर कब्जा कर बनाए गए होटल एलिगेंस की जांच करने नगर पालिका व राजस्व टीम पहुंची। टीम ने होटल संचालक से दस्तावेज मांगे और सर्वे क्रमांक आदि की जांच की।
बताया गया है कि यह होटल सर्वे क्र.500 में स्थित है, जबकि जो बेनाम संचालक ने अधिकारियों के समक्ष पेश किया, उसमें सर्वे क्र.502 चढ़ा हुआ पाया गया। ऐसे में प्रथम दृष्टया होटल अवैध माना गया, लेकिन टीम ने पंचनामा बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप दी है। ऐसे में होटल संचालक को राजस्व विभाग से नोटिस जारी कर दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
परशुराम सेना ने मन्दिर को मुक्त कराने उठाया मुद्दा
भिण्ड शहर के अटेर रोड पर बंबा के निकट संचालित एलिगेंस होटल के संचालक पर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा है। परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने भिण्ड नगर पालिका के सीएमओ यशवंत वर्मा से शिकायत कर मन्दिर को मुक्त कराने की मांग की थी। आवेदन में होटल का अवैध निर्माण गिराने और मन्दिर को अतिक्रमण से मुक्त करने की मांग की है। शिकायत में आरोप है कि तीन मंजिला होटल को बिना अनुमति के खड़ा कर दिया गया और संचालक ने प्राचीन रामजानकी मन्दिर की जगह पर कब्जा कर लिया। इस मन्दिर का गुंबद तक होटल की बिल्डिंग में दबा दिया गया, जो स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है।
अवैध निर्माण बताया जा रहा
परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष ने कहा कि किसी मन्दिर के ऊपर भवन निर्माण नहीं करा सकते। उन्होंने आरोप लगाए कि अटेर रोड बम्बा की पुलिया के पास स्थित होटल एलिगेंस का नवीन निर्माण हुआ है, जो कि 25 वाई 60 वर्ग फीट में बना हुआ है, जिसमें 8 वाई 20 वर्ग फीट जगह में राम जानकी का प्राचीन मंदिर बना हुआ है, जबकि होटल की रजिस्ट्री सिर्फ 16 वाई 60 वर्ग फीट की है। जिसमें 8 वाई 20 वर्ग फीट की जगह को होटल में सम्मिलित कर होटल मालिक द्वारा मंदिर के ऊपर अवैध इमारत बनाकर निर्माण कर लिया है। जिसमें होटल मालिक के द्वारा नगर पालिका की अनुमति भी नहीं ली गयी है और तीन मंजिल इमारत अवैध रूप से खड़ी कर दी गई है।
इस मामले में होटल संचालक पर मन्दिर की जगह पर कब्जा करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगाए गए। कहा गया है कि होटल का उपयोग व्यापारिक रूप से हो रहा है, ऐसे में मन्दिर के ऊपर होटल के कमरे आदि बने होना किसी भी सूरत में जायज नहीं है। परशुराम सेना ने मन्दिर के ऊपर बने अवैध निर्माण को तुड़वाने और होटल संचालक के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बदतमीजी पर उतरा होटल संचालक
होटल संचालक राजस्व व नगर पालिका की टीम आने की सूचना पर मुंह छुपा गया। इस दौरान उसने अपने स्टाफ को आगे खड़ा कर अधिकारियों से बातचीत कराई। जिसके बाद अधिकारी पंचनामा तैयार कर रहे थे, तभी संचालक होटल से निकला और दबाव बनाने के बहस करने लगा, इस दौरान उसने अभद्रता की वैसे ही परशुराम सेना ने उसे हद में रहने की समझाइश दी। मौके पर मौजूद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाया और संचालक को होटल के अंदर कर स्थिति संभाली।


