– जिले में 6 और जरूरतमंद महिलाएं बनीं ‘शक्ति दीदी’
– अब तक 95 महिलाओं को मिली है फ्यूल डिलेवरी वर्कर की नौकरी
ग्वालियर, 07 जनवरी। किसी ने वर्षों से संजोई अपनी अभिलाषा साकार कर ली तो किसी ने स्वाभिमान के साथ बैंक का कर्जा चुका दिया। किसी ने बच्चों की फीस भर दी तो किसी ने अपने बच्चों को खिलौने दिला दिए। इसी तरह किसी ने आभूषण खरीद लिए तो किसी ने घर की जरूरत का सामान खरीद लिया। यहां बात हो रही है महिला सशक्तिकरण की नई इबारत लिख रहीं ग्वालियर जिले की शक्ति दीदियों की।
ग्वालियर जिले में पिछले साल के जनवरी माह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से कलेक्टर रुचिका चौहान ने ‘शक्ति दीदी’ के नाम से अभिनव पहल की थी। जिला प्रशासन द्वारा एक साल के भीतर इस पहल के तहत जिले की 95 जरूरतमंद महिलाओं को ‘शक्ति दीदी’ बनाकर पेट्रोल पंपों पर फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में नौकरी दिलाई जा चुकी है। इनमें बुधवार को बनीं 6 शक्ति दीदी शामिल हैं। कलेक्टर चौहान ने शहर के अलापुर तिराहे के समीप स्थित पेट्रोल पंप पर सोनम व नीतू को पुष्प माला व जैकेट पहनाकर फ्यूल डिलेवरी वर्कर के रूप में शक्ति दीदी की जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही उनका हौसला बढ़ाया। इस अवसर पर सहायक संचालक महिला बाल विकास राहुल पाठक, सहायक आपूर्ति अधिकारी सौरभ जैन व पेट्रोल पंप संचालक मौजूद थे।
इसी तरह गिरवाई स्थित शिवहरे फिलिंग स्टेशन पर हेमलता जोशी, रायरू स्थित कैप्टन उपाध्याय फिलिंग स्टेशन पर हर्षिता एवं कम्पू क्षेत्र में स्थित सुविधा फ्यूल्स पर रिंकी व मनीषा कुशवाह को शक्ति दीदी बनाया गया। महिला फ्यूल वर्कर के रूप में पेट्रोल पंप पर काम कर रहीं सभी शक्ति दीदियों को सम्मानजनक वेतन मिल रहा है। जिला प्रशासन द्वारा पुलिस के सहयोग से शक्ति दीदियों की सुरक्षा व सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है। शक्ति दीदी की ड्यूटी की अवधि सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। साथ ही एक वाट्सएप ग्रुप तैयार किया गया है, जिसमें जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी, संबंधित पुलिस थाना प्रभारी, पेट्रोल पंप संचालक, खाद्य विभाग के अधिकारी एवं शक्ति दीदियां जुड़ी हैं। इस ग्रुप पर समस्याओं का आदान-प्रदान व समाधान होता रहता है।


