भिण्ड, 28 नवम्बर। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्थानीय सेंट माइकल विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें महिला बाल विकास विभाग से बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना, आउटरीच कार्यकर्ता दीपेन्द्र शर्मा, राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता राहुल राजपूत, विद्यालय के प्राचार्य स्टेनी डिसिल्वा, मुकेश तोमर अन्य समस्त स्टाफ एवं विद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
बाल संरक्षण अधिकारी अजय सक्सेना ने बताया कि बाल विवाह मुक्त भारत भारत सरकार द्वारा 27 नवंबर 2024 से प्रारंभ किया था जिसे आज एक वर्ष हो गया है, भारत सरकार का प्रमुख उद्देश्य 2029 तक संपूर्ण देश को बाल विवाह मुक्त करना है। वर्तमान में एनएफएचएस के डाटा के अनुसार भारत में 25 प्रतिशत से अधिक बाल विवाह आज भी होते हैं, यह स्थिति अच्छे समाज के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं कहीं जा सकती है। बाल विवाह सामाजिक आर्थिक और शारीरिक दुष्परिणाम सामने आते हैं बाल विवाह के कारण बालिकाओं की शिक्षा अधूरी रह जाती है, कम उम्र में शादी होने से मां बनने के कारण उनके स्वास्थ्य को भी खतरा रहता है, विभिन्न सामाजिक आर्थिक कारण भी बालिकाओं की प्रगति में बाधक होते हैं।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत जानकारी देते हुए बताया कि बालक की उम्र 21 वर्ष और बालिका की 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर ही विवाह की अनुमति है, इससे पूर्व शादी करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है और बाल विवाह कानून की तरह समस्त स्टेक होल्डर इतने ही जिम्मेदार होते हैं, जिनमें गार्डन वाला, कैटरर, नाई, धोबी, पंडित, कार्ड प्रिंट करने वाला और शादी से सभी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े व्यक्ति उतने ही जिम्मेदार होते हैं जितना कि अपराध कारित करने वाला। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि भारत सरकार ने अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने पर आगामी 100 दिवस की कार्य योजना प्रेषित की है, जिसमें पंचायत स्तर पर ग्रामीण स्तर पर जिला स्तर पर, बाल विवाह मुक्त पंचायत, बाल विवाह मुक्त विकास खण्ड एवं बाल विवाह मुक्त जिला की परिकल्पना की गई है, हम सभी का यह दायित्व है कि ना बाल विवाह करें और अगर हमें पता चलता है कि कहीं बाल विवाह कारित हो रहा है तो तत्काल इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पुलिस 112 को कर सकते हैं। बाल विवाह के संबंध में आगामी शून्य बाल विवाह, निषेध आज्ञा जारी होना न्यायालय संबंधी संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम के अगले चरण में मिशन शक्ति और मिशन वात्सल्य के तहत पोक्सों अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम बाल अधिकारों, साइबर क्राइम पर भी विस्तार से चर्चा की गई, उसके बाद प्रश्न मंच रखा गया। क्विज में सही जवाब देने वाले छात्रों को सम्मान समारोह में पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के जारी बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं छात्रों को दिलाई गई। अंत में भारत सरकार द्वारा कार्यक्रम में सभी छात्रों को पेन, चॉकलेट वितरित की एवं जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
Saturday, April 11
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