भिण्ड, 25 नवम्बर। त्रिमुखा मैया की कृपा से टीकरी धाम में मंगलवार को वह दिव्य दृश्य देखने को मिला, जिसे देखकर पूरा क्षेत्र भाव-विभोर हो उठा। मसूरी रामसेतु धाम से श्रीराम की विशाल बारात 1008 कमल दास महाराज के सानिध्य में विधि-विधान के साथ निकाली गई। रास्ते भर करीब 27 स्थानों पर बारात का स्वागत और नाश्ते की व्यवस्था की गई। कहीं गाजर का हलवा, कहीं चाट, कहीं टिक्कियां, तो कहीं दूध-रबड़ी, चाय-बड़े और अन्य प्रसाद के भंडारे सहित लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की पूरी तैयारी की गई थी, जिसे देखकर आयोजकों की सेवा भावना झलक रही थी।
देश-विदेश से, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब सहित कई राज्यों से भक्तों की उपस्थित ने माहौल को महाकुंभ जैसा भव्य बना दिया। भारी भीड़ बीच शांत, अनुशासित वातावरण में सभी भक्तजन गुरुदेव से आशीर्वाद ग्रहण करते रहे। बारात में कई प्रतिष्ठित संत-महात्मा, जिनमें भुवनेश्वर महाराज सहित अनेक बड़े संत शामिल हुए। घोड़ों की टापों, ढोल-नगाड़ों, शहनाइयों और भक्तों के जय श्रीराम के नाद ने पूरे मार्ग को उत्सव में बदल दिया। टीकरी धाम में विवाह मण्डप को पारंपरिक बिहारी शैली में सजाया गया। कमल दास महाराज ने बारात की अगवानी की। इसके बाद जयमाल, वरमाला, मंगल-विदि, सबकुछ उसी पावन विधि-विधान से संपन्न हुआ, जैसा प्राचीन काल में राम-जानकी का विवाह हुआ माना जाता है।
बरौना ब्रिज से लेकर धाम तक पूरा क्षेत्र भक्ति, संगीत और उल्लास से गूंज उठा। श्रद्धालु बार-बार कह रहे थे- आज तो सच में इलाहाबाद जैसा मेला लग गया। टिकरी धाम का यह दिव्य उत्सव आने वाले समय के लिए एक अद्भुत आध्यात्मिक स्मृति बन गया है। राम-जानकी की पावन बारात की अगवानी करने 1008 कमलदास महाराज द्वार पर ससम्मान पधारे।
Tuesday, September 29
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