भिण्ड, 03 अप्रैल। गोहद अनुभाग में कानून व्यवस्था दयनीय अवस्था में है, हर थानांतर्गत सट्टा, जुआ, नशाखोरी, चोरियां, हत्याएं, मारपीट की घटनाओं से लेकर दलित उत्पीड़न तेज हो गया हैं। महिलाएं व बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। गश्त नहीं होने के कारण कानून व्यवस्था चरमरा गई है। पुलिस व गुंडों की सांठगांठ सरेआम दिखती है। भ्रष्टाचार की चर्चा आम बात है। पुलिस कायमी के आंकड़े कम करने में लगी हुई है। यह आरोप मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता प्रेम नारायण माहौर ने पत्रकारों से बात करते हुए लगाया। पत्रकार वार्ता में पूर्व पार्षद राजेन्द्र कुशवाह मौजूद थे।
माकपा नेता प्रेम नारायण माहोर ने कहा कि एण्डोरी थानांतर्गत बरोना गांव में गुण्डे बदमाशों ने पहले नरोत्तम को डीजल डालकर जलाया जो मरने से बचा है, अबकी बार उनके छोटे भाई की पत्नी को घर में घुसकर मारा पीटा। नारायणी बाई जो दलित होकर मजदूर पेशा महिला है, उनको पीट पीटकर गुण्डे ने जख्मी कर दिया। उत्पीड़ित नरोत्तम गांव से पलायन कर चुका गुण्डों का इतना भय है कि अब नारायणी वाई भी गाव छोड़ने के लिए मजबूर है। नारायणी बाई को कटाई के पहले की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया, पहले की मजदूरी मांगना नारायणी बाई का गुनाह हो गया और उसे पीटकर गुण्डे ने लहूलुहान कर दिया। माकपा ऐसे मामले में चितित है। मालनपुर में गुण्डों द्वारा सुनील के साथ मारपीट की गई, क्षेत्र में सट्टा, जुआ धड़ल्ले से चल रहा है। चर्चा है कि पुलिस ने भ्रष्टाचार की सीमा तोड़ दी है।
माकपा नेता ने कहा कि नरोत्तम अपंग हो चुका है, मुख्य आरोपी का नाम चार्जशीट से अलग कर दिया गया है। गुहीसर में भी उत्पीड़न की घटना हुई, जन आंदोलन के दवाब में पुलिस कार्रवाई हुई। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि बरोना में नारायणी बाई के साथ जो गुण्डे ने जो हमला किया है उस पर कार्रवाई नहीं हुई तो माकपा 13 अप्रैल से गोहद एसडीओपी कार्यालय पर धरना देकर अपना आंदोलन तेज करेगी। पत्रकार वार्ता में जगदीश माहौर, पीड़ित महिला नारायणी बाई और सुनील माहौर उपस्थित थे।
बरौना में मजदूरी विवाद को लेकर महिला से मारपीट
बरौना गांव में मजदूरी के विवाद को लेकर एक महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस संबंध में माकपा नेता प्रेम नारायण माहोर ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
माकपा नेता प्रेम नारायण माहौर ने बताया कि बरौना गांव की नारायणी देवी के साथ मजदूरी के विवाद के चलते मारपीट की गई, लेकिन घटना के बाद भी अब तक संबंधित आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने में प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आ रही है। माकपा नेता ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो 13 अप्रैल को एसडीओपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर आंदोलन करेगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
Monday, June 1
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