– 1.83 करोड़ की लागत से बना पीएचसी रमा का सांसद ने किया उदघाटन
भिण्ड, 22 मार्च। सांसद संध्या राय ने जनपद अटेर के ग्राम रमा में 1.83 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का फीता काटकर लोकार्पण किया। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. जेएस यादव, सरपंच रमा, ग्रामीणजन, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय अधिकारी उपस्थित रहे।
सांसद संध्या राय ने कहा कि सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाएंगी और दूरस्थ इलाकों में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। सरकार द्वारा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा रहा है। इसी का उदाहरण है कि आज जिले की विधानसभा अटेर में 1.83 करोड़ रुपए के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का लोकार्पण किया गया है। इन विकास कार्यों से क्षेत्र वासियों को लाभ मिलेगा।
सांसद ने उपस्थित जनों से अपील कर कहा कि सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 14-15 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन निशुल्क लगाया जा रहा है। महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरे सबसे प्रमुख सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक नए सर्वाइकल कैंसर के मामले सामने आते हैं और करीब 80 हजार महिलाओं की इससे मृत्यु हो जाती है। यह कैंसर किशोरी बालिकाओं में समय पर टीकाकरण के माध्यम से रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए एचपीवी का निशुल्क टीकाकरण अवश्य कराएं, टीके को बेझिझक लगवाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान नहीं दें।
उन्होंने टीवी बीमारी के विषय में कहा कि भारत में प्रतिवर्ष करीब 26 लाख नए टीबी के मामले सामने आते हैं। यह हवा से फैलने वाली संक्रामक बीमारी फेफड़ों को प्रभावित करती है, जिससे खांसी, बुखार, वजन घटना और रक्त की उल्टी जैसी समस्याएं होती हैं। अगर समय रहते इलाज न हो तो यह जानलेवा साबित हो सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में टीबी से हर साल 4 लाख से अधिक मौतें होती हैं, लेकिन प्रत्यक्ष पर्यवेक्षित उपचार (डॉट्स) योजना से 85 प्रतिशत से ज्यादा मरीज ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है। नि:शुल्क दवाएं, जांच और पोषण किट उपलब्ध हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में भी इलाज मुफ्त है। सांसद ने ग्रामीणों से अपील की कि लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र्र या पीएचसी पहुंचें।


