भिण्ड, 08 जनवरी। गोहद नगर की 15 हजार की आबादी के लिए सन 1961 में निर्मित फिल्टर प्लांट का भविष्य पानी की जांच रिपोर्ट पर निर्भर है कि वो भविष्य में सेवा देगा कि नहीं। गोहद नगर की जनता को पेयजल की आपूर्ति का एकमात्र स्त्रोत्र वेसली जलाशय जिसके जल को फिल्टर प्लांट के माध्यम से नगर की जल आपूर्ति की जाती है, जिसमें नगर के 15 वार्ड शामिल हैं। बेसली जलाशय के पानी का नगर में आपूर्ति इंडोर शहर में दूषित पानी से 17 लोगों की मौत एवं बेसली जलाशय में मालनपुर सहित ओद्योगिक इकाईयों का केमिकल युक्त पानी आने से फिल्टर प्लांट से सप्लाई को बंद कर पानी के परीक्षण हेतु भिण्ड प्रयोगशाला में भेजा गया है। वर्तमान में गोहद नगर में जलावर्धन योजन के तहत पेयजल योजना के तहत नवीन पाइप लाइन के माध्यम से किया जा रहा है।
इंदौर जैसी घटना की पुनरावृत्ति चाहता है प्रशासन
गोहद नगर में जलावर्धन योजना के तहत पेयजल योजना अभी हैंडओवर नहीं हुई है, लेकिन बेसली जलाशय से पेयजल सप्लाई बंद होने से गोहद नगर की जनता का कंठ गीला करने की जिम्मेदारी कम्पनी के कंधों पर आ गई है। लेकिन कम्पनी के अधिकारी अपनी हठधर्मिता पर उतारू हैं। नगर पालिका प्रशासन एवं जलावर्द्धन योजना संचालित करने वाले प्रबंधक के बीच समन्वय न होने से जहां जनता परेशान है। वहीं शासन को आर्थिक हानि हो रही है। जगह-जगह सड़के खुदी पड़ी है, सड़कों पर पानी फेल रहा है। भाजपा के वरिष्ट नेता अभिभाषक गब्बर सिंह गुर्जर ने बताया की वार्ड 8 पुराना थाने के पास जलावर्द्धन योजना के तहत जो नवीन पाइप डाली गई है वो पुरानी व क्षतिग्रस्त थी, जिसके कारण उसमे जगह-जगह रिसाव हो रहा है तथा उक्त लाइनों में गंदा पानी रिस रहा है, पानी पीला एवं बदबूदार आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा न की गोहद में इंदौर जैसी घटना घटित हो जाए।
Wednesday, September 30
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण

