– पीड़िता को दो लाख की प्रतिकर सहायता
ग्वालियर, 24 दिसम्बर। अनन्यत: विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम) एवं त्रयोदशम जिला एवं अपर सत्र/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला ग्वालियर श्रीमती वंदना राज पांडे की अदालत ने नाबालिग बच्ची से गलत काम करने वाले आरोपी सुलेमान खान उर्फ सुकई उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम कोटरा जिला जालौन उप्र, हाल जिला ग्वालियर को धारा 5(एम)/6 पॉक्सो एक्ट एवं एससी/एसटी एक्ट में 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500 रुपए अर्थदण्ड तथा व्यतिक्रम में 6-6 माह के सश्रम कारवास से दण्डित किया है। साथ ही पीड़िता को दो लाख रुपए प्रतिकर एवं सहायता राशि प्रदान करने हेतु आदेशित किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़िता की मां एवं पिता ने थाने में इस आशय की मौखिक शिकायत की कि वह अपने तीन बच्चों के साथ नीचे फ्लोर पर किराए से रहते हैं। उसके ऊपर वाले तल पर अभियुक्त रहता है। 4 मई 2024 की शाम करीब 6:30 बजे से 7 बजे बीच वह रसोई में खाना बना रही थी। उसके पति पूजा कर रहे थे। उसकी बच्ची पीड़िता 7 साल छत पर उसके छोटे बेटे उम्र डेढ़ साल को ढूंढने गई थी। कुछ देर बाद पीड़िता रोते हुए दौड़कर नीचे रसोई में आई, तो उसने पूछा कि बेटा क्या हुआ, पीड़िता ने बताया वह भाई को ऊपर लेने गई तो भाई रैलिंग के पास खड़ा था, उसे देख कर दादा आ गए और उससे गलत हरकत कर रहे थे, फिर उसका मुंह बंद करके उसे कमरे में ले गए और वे अपने वस्त्र उतारकर लाईट चालू करने लगे, तभी वह अपने भाई को लेकर वहां से भाग आई। ऐसा पीड़िता ने बताया। जब उसके पति पूजा करके वापस कमरे से निकले तो उसने उनको भी बताया। उसके पति ने 100 नंबर पर पुलिस को कॉल करके बुलाया वह पीड़िता को साथ लेकर थाना पर रिपोर्ट करने आए। पीड़िता की मां की मौखिक रिपोर्ट र्ट के आधार पर थाना मुरार में अपराध क्र.275/2024 दर्ज किया गया। साक्षीगण के कथन लिए गए। घटना स्थल का नक्शा मौका बनाया गया। अभियुक्त को गिरफ्तार कर गिरफ्तारी पंचनामा तथा जब्ती पंचनामा तैयार किए गए। पीड़िता एवं अभियुक्त का मेडीकल परीक्षण कराया गया। पीड़िता का जन्म प्रमाण पत्र जब्त किया गया। अभियुक्त का रक्त नमूना लिया जाकर डीएनए परीक्षण हेतु न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया, जिसकी डीएनए रिपोर्ट प्राप्त होने पर प्रकरण में संलग्न की गई तथा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।


