– मेहगांव में 20 बीघा में बनेगा दिव्य धाम
भिण्ड, 12 अप्रैल। जिले के मेहगांव क्षेत्र में इस वर्ष भूमिया सरकार का 20वां वार्षिक उत्सव भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में आयोजित होने जा रहा है। इस अवसर पर श्रीमद् भागवत कथा, नौ महाकुण्डीय यज्ञ, ज्ञान यज्ञ सप्ताह, शोभा कलश यात्रा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों की शुरुआत 30 अप्रैल को होगी, एक मई से हवन-पूजन प्रारंभ होगा। समापन अवसर पर आठ मई को पूर्णाहुति एवं विशाल भण्डारा आयोजित किया जाएगा।
इस दौरान 4 से 6 मई तक महादिव्य दरबार का आयोजन रहेगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। वहीं 7 मई गुरुवार को नवीन मन्दिर का भूमि पूजन भी किया जाएगा। कथा का प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6:30 बजे तक तथा दरबार का सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस पावन अवसर पर कथा का वाचन संत चिन्मयानंद बापू द्वारा किया जाएगा। पारिक्षित के रूप में 1008 भगवती दास महाराज उपस्थित रहेंगे। आयोजक 1008 महामण्डलेश्वर हरिओम दास महाराज पीठासीन हैं, जिनके मार्गदर्शन में यह समस्त आयोजन संपन्न होगा।
प्रेस वार्ता के दौरान महामण्डलेश्वर हरिओम दास महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि मेहगांव में लगभग 20 बीघा भूमि पर भव्य और दिव्य मन्दिर निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह मन्दिर आधुनिक और पारंपरिक शिल्पकला का अद्भुत संगम होगा। विशेष रूप से डबरा स्थित नवग्रह मन्दिर की तर्ज पर अनुभवी कारीगरों द्वारा इस धाम का निर्माण किया जाएगा। मन्दिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की 70 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसके ऊपर कृत्रिम पर्वत के माध्यम से गोवर्धन पर्वत का दृश्य निर्मित किया जाएगा। इसके साथ ही परिसर में हनुमानजी भूमिया सरकार का मन्दिर स्थापित होगा, विभिन्न स्वरूपों की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, ठहरने एवं अन्य सुविधाओं की समुचित व्यवस्था प्रशासन एवं जनसहयोग से की जाएगी। आयोजन स्थल मेन रोड से लगभग 5 किमी दूरी पर पिपरी-पिपरौली गेट से आगे कोल्हार के पास स्थित है, जहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इस अवसर पर सभी पत्रकारों का सम्मान करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह, डायरी, वस्त्र, शील्ड, श्रीफल एवं निमंत्रण पत्र भेंट किए गए।
आयोजकों ने भिण्ड जिले सहित आस-पास के सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं। साथ ही बाहर से आने वाले अतिथियों की सेवा-सत्कार में सहयोग करें, जिससे यह आयोजन सफल एवं यादगार बन सके। यह धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम बनेगा, बल्कि समाज में एकता, श्रद्धा और सहयोग की भावना को भी सुदृढ़ करेगा। श्रद्धालुजन कथा, रामलीला एवं दिव्य दरबार का शांतिपूर्वक श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त करें और इस महायज्ञ में सहभागी बनकर अपने जीवन को धन्य करें।


