मध्यप्रदेश में बीते दिनों हुए एक फर्जी एनकाउंटर की आंच अब प्रदेश के बड़वानी जिले तक पहुंच गई है। इस मामले में अब जिले के एडिशनल एसपी अनिल पाटीदार भी फंसते नजर आ रहे हैं। दरअसल, साल 2009 में नीमच जिले में हुए एक फर्जी एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। सीबीआई ने डीएसपी ग्लैडविन एडवर्ड कार और प्रधान आरक्षक नीरज प्रधान को गिरफ्तार किया है। जिसके बाद अब इस एनकाउंटर में शामिल एएसपी अनिल पाटीदार समेत अन्य आरोपियों पर भी सीबीआई का शिकंजा कसता जा रहा है। इससे बचने के लिए एएसपी अनिल पाटीदार मां की बीमारी का बहाना बनाकर कार्यालय से छुट्टी लेकर 3 अप्रैल से इंदौर स्थित अपने घर गए हुए हैं। लेकिन, तब से उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। बता दें कि एएसपी अनिल पाटीदार की बड़वानी जिले में यह दूसरी पोस्टिंग है। इसके पूर्व वे जिले के सेंधवा में एसडीओपी के पद पर भी पदस्थ रह चुके हैं।
नीमच जिले में 2009 में नलवा निवासी कुख्यात आरोपी बंसी गुर्जर का एनकाउंटर किया गया था, पुलिसकर्मियों ने उसे मारने का दावा किया गया था। इसे लेकर नीमच के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वेद प्रकाश और मनासा ब्लॉक के तत्कालीन एसडीओपी अनिल पाटीदार समेत 20 पुलिसकर्मियों ने जमकर वाहवाही लूटी थी। बता दें कि आरोपी बंसी पर राजस्थान की जोधपुर पुलिस पर हमला कर रतनलाल मीना नामक आरोपी को छुड़ाने का आरोप था। जिसके बाद नीमच पुलिस ने दो दल गठित कर बंसी गुर्जर को एनकाउंटर में मारने का दावा किया था।


