कथावाचक आचार्य पण्डित मनोज अवस्थी जी के मुखारविंद से अमृतमयी कथा का श्रोता कर रहे रसपान
कथा के तीसरे दिन हुआ भगवान राम का जन्म
भिण्ड ब्यूरो । मां शीतला सेवा समिति द्वारा ग्राम ऐतहार में आयोजित आध्यात्मिक श्री राम कथा में श्रोताओं का लगने लगा तांता। कथावाचक आचार्य पं.मनोज अवस्थी जी महाराज ने रविवार को प्रभु श्री राम के जीवन के आदर्शों और धर्म की श्रेष्ठता पर प्रकाश डाला। आचार्य अवस्थी जी ने रामचरित की घटनाओं को सरल और प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत कर, श्रोताओं को धर्म, कर्तव्य श्रृंगारिक संवादों के साथ प्रस्तुत किया, कथा पांडाल में उपस्थित आस-पास के ग्रामीण अंचल के श्रोतागण और आगंतुक दर्शक भावविभोर हो उठे।
अमृतमयी कथा का आयोजन पारीक्षत श्रीमती अरुणा रामनिवास मुखरैया व समस्त ग्रामवासीयों द्वारा किया जा रहा है अमृतमयी कथा दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक की जाती है कथा उपरांत भक्तों द्वारा भण्डारे की व्यवस्था भी की जाती है । आचार्य पंडित मनोज अवस्थी जी प्रभु श्रीराम के जन्म की कथा पर प्रकाश डालते हुए बताया ,महाराजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ किया था। महाराज दशरथ ने श्यामकर्ण घोड़े को चतुरंगिनी सेना के साथ छुड़वाने का आदेश दिया। महाराज ने समस्त मनस्वी, तपस्वी, विद्वान ऋषि-मुनियों तथा वेदविज्ञ प्रकाण्ड पण्डितों को बुलावा भेजा। वो चाहते थे कि सभी यज्ञ में शामिल हों। यज्ञ का समय आने पर महाराज दशरख सभी अभ्यागतों और अपने गुरु वशिष्ठ जी समेतअपने परम मित्र अंग देश के अधिपति लोभपाद के जामाता ऋंग ऋषि के साथ यज्ञ मण्डप में पधारे। फिर विधिवत यज्ञ शुभारंभ किया गया। यज्ञ की समाप्ति के बाद समस्त पण्डितों, ब्राह्मणों, ऋषियों आदि को यथोचित धन-धान्य, गौ आदि भेंट दी गई हैं और उन्हें सादर विदा किया ।


