– उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में वृहद स्वास्थ्य शिविर आयोजित
– चिकित्सकीय परामर्श के साथ नि:शुल्क एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचें भी हुईं
ग्वालियर, 11 अप्रैल। जीवन का उद्देश्य कल्याण की भावना होनी चाहिए, यदि हम मानसिक और शारीरिक रूप पर स्वस्थ्य रहेंगे तो उस व्यक्ति की ज्यादा मदद कर पाएंगे, जिसे न्याय की आशा है। यह विचार उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर के प्रशासनिक न्यायधिपति आंनद पाठक ने शनिवार को उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर में आयोजित हुए वृहद नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
स्वास्थ्य शिविर में अधिवक्तागण, सुरक्षा कर्मी एवं अन्य कर्मचारियों सहित आमजनों ने अपना नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराया। शिविर में एक्सरे व अल्ट्रासाउण्ड सहित खून व अन्य प्रकार की नि:शुल्क जांचों की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इस अवसर पर अतिरिक्त न्यायमूर्ति आशीष श्रोत्रीय, न्यायमूर्ति अमित सेठ, प्रधान जिला न्यायाधीश ललित किशोर, प्रधान जिला न्यायाधीश (निरीक्षण) जाकिर हुसैन, अन्य न्यायाधीशगण, प्रिंसिपल रजिस्ट्रार राजीव के पाल, ओएसडी/ रजिस्ट्रार नवीन कुमार शर्मा, उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष पवन पाठक, सचिव महेश गोयल, अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक खेड़कर, रोहित मिश्रा, दीपेन्द्र सिंह कुशवाह तथा बड़ी संख्या में अधिवक्तागण, स्टाफ सदस्य, सुरक्षा के अधिकारी, कर्मचारीगण मौजूद रहे।
स्वास्थ्य शिविर को संबोधित करते हुए विचार प्रशासनिक न्यायधिपति आंनद पाठक ने कहा कि हमें हर चीज की शुरूआत क्यों से करना चाहिए। हम इस शिविर के आयोजन के बारे में विचार करेंगे कि हमने क्यों आयोजन किया तो हमें इसका कारण समझ आएगा कि कर्मचारीगण, अधिवक्तागण और सुरक्षाकर्मी जब शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, और आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ रहेंगे तो इनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी । जिससे वह पूर्ण दक्षता के साथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे। परिणामस्वरूप विवाद विहीन समाज की परिकल्पना को साकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय परिसर एक विश्वविद्यालय परिसर की भांति होना चाहिए जिसमें रचनात्मकता हर रूप में परिलक्षित हो। हमारा उद्देश्य बहुआयामी व्यक्तित्व तैयार करना है और हम चाहते हैं कि वर्ष 2047 तक हमारा समाज विवाद विहीन हो। एक निर्णय के आने में कई लोगों की भूमिका होती है, उसमें न्यायालय का स्टाफ एवं अधिवक्ता की भूमिका अहम होती है इसलिए उनका स्वस्थ्य होना आवश्यक है, अत: पहला सुख निरोगी काया ही है। इसी भाव के साथ आयोजित किए गए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में प्रांरभिक स्तर पर अधिवक्ताओं, स्टाफ सदस्य, सुरक्षा के सदस्यों के फार्म भरवाकर सामान्य बीमारियों की जानकारियां संग्रहीत की गई। इसके बाद चिकित्सीय सलाह से रक्त नमूने संग्रहण कर जांच कराई गई तथा आवश्यकतानुसार एक्स-रे और अल्ट्रासाउण्ड भी कराया गया। रिपोर्ट की जांच के आधार पर मरीज को चिकित्सीय परामर्श मिला।
स्वास्थ्य शिविर में इन चिकित्सकों ने दी अपनी सेवाएं
स्वास्थ्य परीक्षण शिविर में डॉ. सुनील गजेन्द्र गड़कर हृदय रोग विशेषज्ञ, डॉ. जेएस नामधारी जनरल फिजिशियन, डॉ. अवधेश तोमर जनरल फिजिशियन, डॉ. अमित थावरानी उदर रोग विशेषज्ञ, डॉ. बृजेश सिंघल यूरोलॉजिस्ट, डॉ. पंकज गुप्ता न्यूरोलॉजिस्ट, डॉ. राजा यादव ऑर्थोपेडिक, डॉ. प्रीति गुप्ता स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. थॉमस नेत्र रोग विशेषज्ञ व डॉ. दिव्या चर्म रोग विशेषज्ञ सहित अन्य चिकित्सकों ने अपनी सेवाएं दीं।


