– जिले में बदलते मौसम से सर्दी ने फिर दी दस्तक
भिण्ड, 03 फरवरी। जिले में बदलते मौसम से सर्दी ने फिर दस्तक दी है। रात से ही आसमान में घने बादल देखे गए और मंगलवार सुबह होते ही हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बंगाल की खाड़ी से उठे बादलों का असर जिले में देखने को मिला, जिससे मावठ जैसी स्थिति बन गई है।
सोमवार रात से ही जिले के आसमान में बादलों की घनी परत छाई रही। मंगलवार सुबह मौसम ने करवट ली और हल्की बारिश शुरू हो गई, जो सुबह आठ बजे के बाद रुक-रुक कर जारी रही। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त बादल मप्र की ओर बढ़े, जिससे भिंड जिले में मावठ जैसी स्थिति बन गई। इस बारिश को किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। खेतों में इस समय पलावा करने की जरूरत रहती है, लेकिन मावठ की इस बारिश से पलावा की आवश्यकता नहीं पड़ी। कृषि विशेषज्ञों ने अनुसार यह बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभकारी है। इसके साथ ही चना, मसूर और अरहर जैसी दलहनी फसलों के लिए भी यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है।
उधर मटर की फसल में इस समय फलियां आ चुकी हैं। जिन खेतों में पानी भराव की स्थिति बनेगी, वहां मटर की फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, जहां जलभराव नहीं होगा, वहां यह बारिश दानों को मजबूत करेगी और उत्पादन बढ़ाएगी। सरसों की फसल में इस समय दाना पड़ने की प्रक्रिया चल रही है। कृषि अधिकारियों का कहना है कि यदि तेज हवा के साथ बारिश हुई तो फसल खेत में गिर सकती है ओर दानों पर असर पड़ सकता है। हालांकि रिमझिम बूंदाबांदी और शांत मौसम फसलों के लिए नुकसानदायक नहीं है।
मौसम के कारण जिले में आद्रता करीब 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नमी बढ़ने से ठंड का असर भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है। सुबह के समय कई इलाकों में हल्की धुंध छाई रही। दृश्यता घटकर करीब आधा किलोमीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत देखी गई। मौसम विभाग के अनुसार न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा, बादल छाए रहेंगे, बीच-बीच में धूप निकलेगी और सर्दी में इजाफा होगा।
मौ में झमाझम बारिश के साथ ओलों की पड़ी बौछार
मौ में सुबह छह बजे के लोग घरों से बाहर घूमने और रोजमर्रा के काम करने के लिए निकल भी नहीं पाए कि एकाएक पहिले तेज बारिश हुई और उसी के साथ दो बार दो-तीन मिनट चने के आकार के ओलों की तेज बौछार होती देख किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखने लगी। बारिश के थमते ही राजस्व विभाग का अमला मौ और देहगांव सर्किल के तहसीलदार पटवारियों की टीम के साथ ओलों से होने वाले नुकसान का आंकलन करने के लिए फील्ड में निकल गए। बताते हैं कि ओला वृष्टि से अभी ज्यादा नुकसान न होने की बात राजस्व अधिकारी व्यक्त कर रहे हैं। फसल में पानी जरूर भर गया है जिससे थोड़ा बहुत नुकसान तो हो ही गया है।


