भिण्ड, 01 फरवरी। संत गुरु रविदास एक महान संत और समाज सुधारक थे, जिन्होंने 15वीं शताब्दी में समाज में व्याप्त जाति प्रथा और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। यह बात मालनपुर क्षेत्र में स्थित संत गुरु रविदास आश्रम के महंत रामजी नंद महाराज ने संत गुरु रविदास जयंती के अवसर पर कही।
महंत ने कहा कि उन्होंने एक समता मूलक समाज की स्थापना का सपना देखा था। जहां सभी लोग समान हों और कोई भी व्यक्ति अपने जन्म के आधार पर ऊंचा या नीचा न माना जाए। संत रविदास ने अपनी वाणी और कविताओं के माध्यम से समाज में व्याप्त भेदभाव और जाति प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने समाज में समता और एकता का संदेश दिया और लोगों को एक दूसरे के साथ प्रेम और भाईचारे से रहने की शिक्षा दी।
यहां बता दें कि मालनपुर क्षेत्र में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर संत गुरु रविदास जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ आश्रम में उमड़ पड़ी, जहां उन्होंने संत रविदास के दर्शन किए और उनके चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस अवसर पर आश्रम में भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर महंत रामजी नंद महाराज ने रविदास के जीवन और उनकी शिक्षाओं को बारीकी से समझाया और समाज में व्याप्त कुरीतियों को लेकर चर्चा की और युवाओं से नशा मुक्त समाज बनाने की अपील की। इस अवसर पर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
Thursday, October 1
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