– सीएमओ कक्ष में मृत गाय रखकर की नारेबाजी, आवारा पशुओं की व्यवस्था पर उठे सवाल
गोहद/भिण्ड। भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के रूप में पहचान रखने वाले गोहद में आवारा गौवंश की स्थिति को लेकर गोसेवकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगर में सड़कों और गलियों में भटकने वाली गायों को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में नगर में एक गाय गड्ढे में गिर गई। गोसेवकों ने गाय को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए नगर पालिका प्रशासन को सूचना देकर मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि समय पर नगर पालिका की ओर से कोई सहायता नहीं पहुंची। इसके बाद गोसेवकों ने स्वयं गाय को गड्ढे से बाहर निकाला और उसका उपचार शुरू कराया। उपचार के दौरान गाय की मौत हो गई।
गाय की मौत के बाद गोसेवकों का आक्रोश फूट पड़ा। वे मृत गाय को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंच गए। यहां उन्होंने मृत गाय को सीएमओ के कक्ष में रख दिया और नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। गौसेवकों का कहना था कि जब गाय जिंदा थी, तब उसकी मदद के लिए नगर पालिका से गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब गाय की मौत के बाद उसे लेकर नगर पालिका पहुंचने की स्थिति बनी है।
गौसेवकों ने नगर में आवारा गौवंश के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने, घायल अथवा दुर्घटनाग्रस्त गायों के तत्काल रेस्क्यू और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना था कि गौवंश की सुरक्षा केवल धार्मिक भावना का विषय नहीं, बल्कि नगर की जिम्मेदारी भी है। घटना के बाद नगर पालिका परिसर में काफी देर तक हंगामा और नारेबाजी का माहौल बना रहा।


