-कलेक्टर ने की अपील-मिट्टी की प्रतिमाओं का करें उपयोग
✍️पण्डित दीपक चौधरी ✍️
भिण्ड। 11 दिवस तक चलने वाला गणेश उत्सव सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर जिले भर में गणेशजी के मंदिरों पर साज सज्जा की गई है। इसके साथ ही शहर में लगभग आधा सैकड़ा स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इस अवसर पर कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा ने जिले वासियों से मिट्टी की प्रतिमाएं उपयोग करने की अपील की है।
ज्योतिषाचार्य पं. कौशलेन्द्र मिश्रा ने बताया कि चतुर्थी पर पार्थिव गणेश की स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 11.30 बजे है। इस बार गणेश स्थापना ब्रह्म योग में होगी। शुभ मुहूर्त में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की स्थापना कर पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति की मान्यता है। साथ ही माना जाता है कि गणेश चतुर्थी को चंद्र दर्शन नहीं करना चाहिए।
विशेष साधना का समय
धर्म शास्त्रीय मत के अनुसार इन 10 दिन में भगवान गणेश के 10 स्वरूपों की साधना की जा सकती है। प्रतिदिन 21 दूर्वा और मोदक अर्पित करते हुए गणेशजी के 10 नामों का क्रम से उच्चारण करने की परंपरा है।
गणेश जी के 10 नाम
गणाधिप, उमा पुत्र, अघनाशन, विनायक, ईश पुत्र, सर्व सिद्धि प्रदायक, एकदंत, इभवक्र, मूषक वाहन, कुमार गुरु। वहीं जिनके विवाह या दूसरे मांगलिक कामों में बाधा आ रही है, वे गणेश सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कर हवन-अनुष्ठान करें।
कलेक्टर मीना का जिलेवासियों से की अपील
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व के अवसर पर भिंड के जिला कलेक्टर किरोड़ीलाल मीना ने पर्यावरण संरक्षण और धार्मिक परंपराओं के सुंदर समन्वय पर जोर देते हुए नागरिकों से एक विशेष अपील की है। कलेक्टर ने जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस वर्ष अपने घरों, मोहल्लों और सार्वजनिक पंडालों में केवल माटी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की ही स्थापना करें। उन्होंने कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस की प्रतिमाओं के बजाय मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने से हमारे जल स्रोतों और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।
जअप के अभियान से जुड़ने का आह्वान
कलेक्टर मीना ने बताया कि मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए माटी गणेश-सिद्ध गणेश अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर अपना सक्रिय योगदान दें और मिट्टी की प्रतिमाएं बनाकर या उनका उपयोग कर प्रकृति को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश सभी के जीवन से विघ्नों को दूर कर सुख, समृद्धि और आरोग्य प्रदान करें। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से सौहार्द, उत्साह और पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) वातावरण में यह त्यौहार मनाने की अपील की है।


