– कलेक्टर ने कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा भोपाल
– सिविल सर्जन ने 2 स्टाफ नर्स को किया निलंबित
भिण्ड। शहर के हाउसिंग कॉलोनी स्थित श्रीधाम क्लिनिक पर इलाज के दौरान 17 वर्षीय किशोरी जान्हवी तोमर निवासी मोहन सिंह का पुरा, नुन्हाटा की संदिग्ध मौत के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद एमडी मेडिसिन डॉ. विनीत गुप्ता और नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आरके मिश्रा ने ड्यूटी पर तैनात दो नियमित स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं आरोपी डॉक्टर विनीत गुप्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई एवं निलंबन का प्रस्ताव एनएचएम डायरेक्टर एवं स्वास्थ्य विभाग भोपाल को भेजा गया है।
यह था पूरा मामला
परिजनों के अनुसार जान्हवी को तेज बुखार और पेट दर्द की शिकायत होने पर 4 सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उसका इलाज एमडी मेडिसिन डॉ. विनीत गुप्ता की देखरेख में चल रहा था। आरोप है कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीज को डॉक्टर ने अपने निजी श्रीधाम क्लिनिक पर बुलाकर इलाज किया और बाहर से महंगी जांचें कराईं। सोमवार रात किशोरी की तबीयत अधिक बिगड़ने पर मंगलवार सुबह परिजन उसे पुन: डॉक्टर के निजी क्लिनिक ले गए। वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण परिजनों को लगभग एक घण्टे तक इंतजार करना पड़ा। सही समय पर उपचार न मिलने के कारण किशोरी ने क्लिनिक में ही दम तोड़ दिया।
हंगामे के बाद क्लिनिक सील, डॉक्टर फरार
किशोरी की मौत से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने क्लिनिक पर जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी चिकित्सक क्लिनिक बंद कर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही एसडीएम अखिलेश शर्मा और सीएसपी निरंजन राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाउसिंग कॉलोनी स्थित श्रीधाम क्लिनिक को सील कर दिया।
जांच रिपोर्ट में खुले तीन बड़े सच
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति (तहसीलदार गुप्ता, डॉ. डीके शर्मा और आरएमओ डॉ. निखिल अग्रवाल) ने बुधवार को रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जिसमें जिला अस्पताल में भर्ती मरीज को नियमों के विपरीत प्राइवेट क्लिनिक पर बुलाकर इलाज दिया जा रहा था। अस्पताल में तैनात 2 रेगुलर स्टाफ नर्सों ने भर्ती मरीज को प्राइवेट क्लिनिक ले जाने और बाहर से जांच कराने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की। सरकारी सेवाओं में रहते हुए मरीज को निजी प्रैक्टिस का शिकार बनाया गया।
इनका कहना है:
‘जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर मीणा ने डॉ. विनीत गुप्ता के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव एनएचएम डायरेक्टर भोपाल को भेजा गया है। इसके अलावा ड्यूटी के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने वाली दो नियमित स्टाफ नर्सों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
डॉ. आरके मिश्रा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल भिण्ड


