– आक्रोशित समाज बंधुओं ने किया हंगामा, डॉ. विनीत गुप्ता क्लिनिक छोड़ कर भागे
– प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर की कार्रवाई
भिण्ड। शहर की हाउसिंग कॉलोनी स्थित श्रीधाम क्लिनिक पर इलाज के दौरान एक किशोरी की मौत के बाद मामला गरमा गया है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने जमकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ती देख आरोपी चिकित्सक डॉ. विनीत गुप्ता क्लिनिक छोड़कर मौके से भाग निकले। घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्लिनिक को सील कर दिया है।
जानकारी के अनुसार जानवी तोमर पुत्री अरविन्द तोमर निवासी ग्राम मोहन सिंह का पुरा को बुखार, पेट दर्द की गंभीर हालत में श्रीजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ की बड़ी लापरवाही और गलत इलाज के कारण उसकी जान चली गई। घटना के बाद जब परिवार सदमे में था और उन्होंने अपनी मृतका के इलाज से जुड़े दस्तावेज (फाइल) मांगे, तो अस्पताल प्रशासन ने आनाकानी शुरू कर दी और दस्तावेज देने से मना कर दिया। किशोरी की मौत की खबर फैलते ही शहरवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर एकत्रित भीड़ ने स्वास्थ्य विभाग और लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में निजी क्लिनिकों के नाम पर लूट-खसोट मची हुई है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं।
प्रशासन मौके पर, क्लिनिक कराया सील
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम भिण्ड अखिलेश शर्मा और सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया और स्वास्थ्य विभाग की टीम की मौजूदगी में क्लिनिक को सील करने की कार्रवाई की। प्रशासन ने मामले की न्यायिक व विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
सरकारी अस्पताल से नदारद, क्लिनिक पर जमावड़ा
स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में पदस्थ डॉ. विनीत गुप्ता सरकारी अस्पताल में सेवाएं देने के बजाय हाउसिंग कॉलोनी स्थित अपने निजी क्लिनिक पर ज्यादा समय बिताते हैं। मरीजों को सरकारी अस्पताल से अपने निजी क्लिनिक पर बुलाना और मनमानी फीस वसूलना उनकी कार्यशैली बन चुकी है। आरोप यह भी है कि जांचों के नाम पर पैथोलॉजी लैब से मोटे कमीशन का खेल भी खुलेआम चलाया जा रहा है।
पूर्व में भी रहे हैं विवादों में
डॉ. विनीत गुप्ता का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पूर्व भी उन पर इलाज में लापरवाही, मरीजों से दुर्व्यवहार और सरकारी ड्यूटी में अनियमितता के आरोप लग चुके हैं। बार-बार शिकायतें मिलने के बावजूद कड़ा एक्शन न होने से उनके हौसले बुलंद थे।
इनका कहना है:
‘मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्रीधाम क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। इलाज में लापरवाही और क्लिनिक की वैधानिकता की गहन जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होगी।
अखिलेश शर्मा, एसडीएम भिण्ड


