-जन्माष्टमी उत्सव के साथ गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड। भारत विकास परिषद शाखा भिण्ड द्वारा वेदांता इंटरनेशनल हाई स्कूल, भिंड में गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम के साथ किया गया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा एवं भगवान श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। विद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए भारतीय संस्कारों और परंपराओं की मनोहारी झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य नगर पालिका अधिकारी भिण्ड वीरेन्द्र चक्रवर्ती, कार्यक्रम की अध्यक्षता रामबाबू चौधरी ने की। प्राचार्य सीमा मेहरोत्रा, अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, सचिव राजमणि शर्मा मंचासीन रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती एवं भगवान कृष्ण की पूरा अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
शाखा अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा ने उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का अभिनंदन किया तथा स्वागत भाषण में भारत विकास परिषद के उद्देश्यों एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद का मूल उद्देश्य समाज में सेवा और संस्कार की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन केवल सम्मान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान को समझने और विद्यार्थियों में संस्कार एवं कृतज्ञता की भावना जागृत करने का माध्यम है।
मुख्य अतिथि नगर पालिका सीएमओ वीरेन्द्र चक्रवर्ती ने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थी के जीवन को सही दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों का सम्मान करें, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं और शिक्षा के साथ अच्छे संस्कारों को भी आत्मसात करें। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे रामबाबू चौधरी ने कहा कि भारत की महान परंपरा में गुरु को सदैव मार्गदर्शक एवं जीवन निर्माता के रूप में सम्मान दिया गया है। गुरु वंदन की परंपरा विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। गणेश भारद्वाज नें कार्यक्रम के उद्देश्य एवं गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को गुरुजनों के प्रति सम्मान और भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना विकसित करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का भी उल्लासपूर्वक आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप, जीवन प्रसंगों एवं उनकी शिक्षाओं को विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को सम्मानित किया गया।


