– बतौर मुख्यातिथि पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह रहे मौजूद
लहार। शा. ठाकुर ज्ञानसिंह उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय वैशपुरा में प्रभारी प्राचार्य के रूप में पदस्थ डॉ. जेपी बघेल का सेवाकाल पूर्ण होने पर विद्यालय परिवार द्वारा भव्य विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी उमाशंकर खरे, पूर्व ब्लॉक शिक्षा अधिकारी छोटे सिंह कुशवाह, किशोर सिंह कुशवाह, कोमल सिंह परिहार, अरविन्द कुमार मिश्रा मिहोना, जगदीश प्रसाद दोहरे, बीईओ लहार प्रेमसिंह बघेल, बीआरसी अजय कुमार झा, पूर्व प्रधानाध्यापक सैयद और मानवेन्द्र सिंह (मोंटी) प्रतिनिधि अध्यक्ष जनपद पंचायत लहार प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के ने मां सरस्वतीका पूजन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।
डॉ.बघेल जी की ग्राम वैसपुरा के उमावि में सन 2001 में संविदा शिक्षक वर्ग-1 के रूप में पदस्थापना हुई थी, डॉ. बघेल की शिक्षा साइंस कॉलेज ग्वालियर से एमएससी (गणित), बीएड और तीन विषयो में एमए (अर्थशास्त्र, इतिहास और समाजशास्त्र) के साथ डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि से भी जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर द्वारा नवाजा गया, डॉ. बघेल 30 अप्रैल 2008 से निरंतर प्राचार्य पद के उत्तरदायित्व को बड़ी ही लगन व ईमानदारी के साथ, सफलता पूर्ण निर्वहन कर विद्यालय को निरंतर शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश एवं जिले में पहचान स्थापित की है, उनके कार्यकाल में विद्यालय में अध्यनरत छात्राओं का हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश एवं जिले की मेरिट सूची में कईवार चयन हुआ है। साथ ही उनके कार्यकाल में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र डॉक्टर, इंजीनियर, पटवारी, पुलिस एसआई, आर्मी और शिक्षको के रूप में भी चयनित होकर विद्यालय का और विकास खण्ड का नाम प्रदेश एवं जिले में गौरवान्वित किया है, विद्यालय की बिल्डिंग को भव्य और सभी कक्षो में फर्नीचर एवं बतानुकूलित कक्षो सहित सभी भौतिक सुख सुविधाओं से विद्यालय को सुसज्जित कर विद्यालय को प्रथम पंति मे बनाये रखा है।
विदाई समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. गोविन्द सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज विद्यालय से एक विद्वान शिक्षक की विदाई होने जा रही है, जिनके अथक प्रयासों से विद्यालय ने जिले एवं प्रदेश में अपनी एक विशेष पहचान स्थापित की है, बघेल के जाने से गणित विषय के विद्वान शिक्षक की कमी बच्चों को जरूर खलेगी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा, शासन-प्रशासन से बात कर जल्द ही गणित के शिक्षक की व्यवस्था विद्यालय में की जाएगी।
समारोह के केन्द्र बिन्दु डॉ. बघेल ने अपने उद्बोधन में उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों, सहकर्मियों एवं शिक्षक/ शिक्षिकाओं, छात्र/ छात्राओं व ग्रामीणजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपनी सेवाकाल में सभी का भरपूर सहयोग और स्नेह मिला जिसे मैं सदा स्मरण रखूंगा और आशा करता हूं कि मेरे बाद भी मेरा समस्त स्टाफ विद्यालय को निरंतर ऊंचाइयों की ओर अग्रसर रखेगा। विदाई समारोह में विद्यालय परिवार द्वारा शॉल, श्रीफल, गीता और स्मृति चिन्ह भेंट कर, सपत्नीक बघेल को सम्मानित किया और उपस्थित जनसमूह ने देर शाम तक स्वागत, माल्यार्पण और उपहार भेंट का सिलसिला निरंतर चलता रहा। समारोह में शिक्षा विभाग से पूर्व एवं वर्तमान वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, जनशिक्षा केन्द्र के अधीनस्थ समस्त शिक्षक/ शिक्षिकाओं गणमान्य नागरिकों छात्र-छात्राओं और ग्रामीणजनों ने उपस्थित होकर डॉ. बघेल के दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल की सराहना की तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घ जीवन की कामना की। समारोह का समापन धन्यवाद वक्तव्य के साथ आत्मीय एवं भावुक वातावरण में हुआ।
विदाई सम्मान समारोह में कन्या लहार के प्राचार्य प्रदीप शर्मा, पीएमश्री असवार के प्राचार्य हरनारायण दीक्षित, विद्यालय परिवार से शैलेन्द्र सिंह कुशवाह, जेएन शाक्य, अंकिता तोमर, प्रवीण पाण्डेय, अनिल शर्मा, प्रेमवीर यादव, रावेन्द्र सिंह, अर्चना शर्मा, राजकुमार चौरसिया, मातप्रसाद प्रजापति, ब्रजराज भदौरिया, संजीव शर्मा, संजीव श्रीवास्तव, जितेन्द्र चौहान, सुरेन्द्र कौरव, हृदेश कौरव, गायत्री श्रीवास्तव, नविता चौहान, उत्तम कुशवाह सहित समस्त स्टाफ और बीआरसी कार्यालय लहार से ब्लॉक समन्वयक जानकीनंदन समाधिया, बीएससी उमाशंकर त्रिपाठी, अनीता गुनकर, रमाकांत शर्मा, अनूप सिंह भदौरिया, आकाश दीक्षित, बीईओ कार्यालय से सुमन दोहरे, चतुर सिंह बघेल, दीपेन्द्र सिंह, रामजीवन तिवारी, शैलेन्द्र दुबे, जनशिक्षक शैलेन्द्र गुप्ता, बृजेन्द्र सविता, संदीप शिवहरे, संतोष परिहार, सलीम खान, पार्षद कलियान पहलवान, समाजसेवी तोमर मडोरी, जगत सिंह, राजेश सिंह भटपुरा, चंद्रशेखर पाण्डेय, विजय सिंह पाल एडवोकेट, सरदार सिंह एडवोकेट, सरनाम सिंह परिहार, उमा पाल, सुनीता बघेल, गीता राठौर, राधा महाजन, अवधेश प्रताप सिंह, हरेन्द्र सिंह, चन्द्रशेखर शर्मा, गौरव भदौरिया, महेन्द्र सिंह, सरजीत सिंह, विजय पांडेय, बलराम बघेल, सत्येन्द्र सिंह, अजय कुमार शर्मा आदि मौजूद थे।


