भिण्ड ब्यूरो – टेट परीक्षा का विरोध करने के लिए दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए मध्यप्रदेश से ग्वालियर चंबल संभाग में 1 हजार से अधिक- शिक्षकों को दिल्ली जाने से पुलिस प्रशासन ने रोका है जिसकी सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियंस सीटू जिला महासचिव अनिल दौनेरिया ने कठोर शब्दों में निन्दा करते हुए आलोक तांत्रिक क़दम बताया है भाजपा डवल इंजन सरकार सिर्फ अपनी बात जनता को सुनाना चाहती है लेकिन जनता की बात कभी नहीं सुनना चाहती सीटू जिला कमेटी भिण्ड शिक्षकों की मांगों और आंदोलन का पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए एकजुटता प्रकट करती है लोकतांत्रिक देश में शांतीपूर्ण तरीका से अपनी बात रखने का सभी को अधिकार है पात्रता परीक्षा (टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट) के नाम पर वर्षों से स्कूलों में अनेकों समस्याओं के उपरांत बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों के खिलाफ बड़ा षड्यंत्र करके,उन्हें हटाने तथा उनके देयकों के भुगतान में कटौती करने, अन्य सुविधाओं से वंचित करने की तैयारी सरकार द्वारा की जा रही है। यह शिक्षकों के साथ ज्यादती और भेदभाव है।
सीटू जिला अध्यक्ष विनोद सुमन ने कहा , कि प्रदेश में 1 लाख 22 हजार शासकीय स्कूलों है , उनमें से 34 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। कई स्कूलों में छत नहीं है,पीने के पानी की सुविधा नहीं है,टॉयलेट की सुविधा नहीं है, बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है, बिजली नहीं है। उसके बाद भी एक-एक शिक्षक स्कूलों में बच्चों को पढाने का प्रयास कर रहे हैं। स्कूलों को बचाने और चलाने के बजाय सरकार का यह कदम शिक्षा को अभिजात वर्ग के हाथों में सीमित करने के प्रयास के अलावा कुछ नहीं है। शिक्षा का निजीकरण से महंगी शिक्षा होगी जिससे किसान मजदूर का बच्चे शिक्षा से दूर हो जायेंगे
उक्त जानकारी प्रेस को जारी विज्ञप्ति में सीटू जिला महासचिव अनिल दौनेरिया ने दी ।
Wednesday, September 30
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