– प्राचार्य का आरोप: मेरे खिलाफ रचा जा रहा षड़यंत्र
भिण्ड, 24 जून। शासकीय एमजेएस महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा स्थानांतरण के बाद कोर्ट से स्टे ले आए, लेकिन कॉलेज प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग ने कोर्ट की इस स्टे को तवज्जों नहीं दी। नियमों को ताक पर रखकर प्राचार्य को कार्यमुक्त कर दिया गया और कोर्ट के स्टे के बाद भी उन्हें प्रभार नहीं दिया गया।
इस मामले में प्राचार्य ने अपने खिलाफ षड़यंत्र के आरोप लगाए और इसे नियमों की अनदेखी बताया। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी उन पर जानलेवा हमला हो चुका है और अब फिर इस तरह की घटना की संभावना है। जान का खतरा भी जताया है। ज्ञात हो प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा का 15 तारीख की रात को स्थानांतरण हो गया था। जिसके अगले दिन 16 तारीख को उन्हें कार्यमुक्त भी कर दिया गया। जबकि नियम है कि स्थानांतरण के तुरंत बाद किसी भी अधिकारी को तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया जाता। सामान्य स्थिति में दो सप्ताह और विशेष परिस्थितियों में चार सप्ताह तक कार्य मुक्ति रोकने का प्रावधान है, फिर भी उन्हें तुरंत कार्यमुक्त कर दिया गया।
इस आधार पर मिला कोर्ट से स्टे
प्राचार्य डॉ. शर्मा ने इस रवैये के खिलाफ न्यायालय की शरण ली। कोर्ट में याचिका का मुख्य आधार तकनीकी खामी रही। डॉ. शर्मा ने बताया कि वह एक पीजी कॉलेज के प्राचार्य हैं। उनका स्थानांतरण शासकीय महाविद्यालय ढोढर (जिला श्योपुर) किया गया है, जो पीजी स्तर का नहीं है। सबसे बड़ी बात यह है कि ढोढर कॉलेज में प्रोफेसर का पद ही स्वीकृत है।


