ग्वालियर, 28 मई। कलेक्टर रुचिका चौहान ने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता एवं आबादी सर्वे (स्वामित्व) योजना के कार्य में अत्यंत धीमी प्रगति पाए जाने पर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। कलेक्टर द्वारा जिले में लंबित आबादी सर्वे (स्वामित्व) प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि भितरवार अनुभाग के ग्राम गाजना में ड्रोन फ्लाई सर्वे एवं ग्राउंड ट्रुथिंग कार्य पूर्ण होने के बाद भी पटवारी राजाराम आदिवासी द्वारा कुल 164 प्लॉटों में से केवल 18 प्लाटों का आरओआर कार्य किया गया।
इसी प्रकार घाटीगांव अनुभाग के ग्राम बरई में पटवारी रिचा शर्मा द्वारा कुल 1480 प्लाटों में से केवल 290 प्लाटों का आरओआर कार्य किया गया, जो अत्यंत न्यूनतम प्रगति दर्शाता है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि शासन की महत्वपूर्ण आबादी सर्वे (स्वामित्व) योजना के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के लिए समय-समय पर निर्देश दिए जाने के बावजूद संबंधित पटवारियों द्वारा कार्य के प्रति गंभीरता नहीं दिखाई गई। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा भी दोनों पटवारियों के कार्य को असंतोषजनक बताया गया। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इसे मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत दोनों पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय कार्यालय भू-संसाधन प्रबंधन जिला ग्वालियर निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
Thursday, October 1
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