– फर्जी संकल्प निरस्त करने पर बनी सहमति
भिण्ड, 31 मार्च। नगर पालिका परिषद भिण्ड की सोमवार को आयोजित बजट बैठक हंगामेदार रही। शहर के विकास के लिए वार्षिक बजट पेश किया गया, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में करों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि गौरी किनारे स्थित योगाश्रम की बेशकीमती जमीन का मुद्दा बैठक में छाया रहा, जिसे लेकर पार्षदों और उनके परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
वार्ड 21 के भाजपा पार्षद मनोज सिंह राजावत जीवन ने योगाश्रम की जमीन को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों की इस जमीन को हड़पने के लिए षड्यंत्र रचा गया है और पूर्व में एक फर्जी संकल्प तैयार किया गया। उन्होंने मांग की कि इस संकल्प को तत्काल निरस्त कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो। इस मुद्दे पर सदन दो गुटों में बंट गया। वार्ड 28 की पार्षद शीला दुबे के पति गिरजेश दुबे और बेटे प्रिंस दुबे ने इसका विरोध किया, जिससे माहौल गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह राजावत और पार्षद दीपक शर्मा के समर्थन में आने के बाद विवाद इतना बढ़ा कि विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाह को हस्तक्षेप करना पड़ा। विधायक ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संतुलित रहा आय-व्यय का लेखा-जोखा
इस वर्ष का बजट शहरवासियों के लिए राहत भरा रहा क्योंकि नपा ने कोई नया कर नहीं थोपा है। बजट में सीवर प्रोजेक्ट के लिए 140 करोड़ रुपए की आय-व्यय राशि भी शामिल की गई है। बजट के अनुसार साल 2026-27 में कुल आय 3 अरब 53 करोड़ 41 लाख 54 हजार 600 रुपए। कुल व्यय 3 अरब 53 करोड़ 34 लाख 4 हजार 17 रुपए। बचत 7 लाख 49 हजार 6 सौ 89 रुपए बताया गया है।
इन मुद्दों पर बनी सहमति
नेता प्रतिपक्ष राहुल सिंह राजावत ने सड़कों की मरम्मत के लिए आवंटित कम राशि पर सवाल उठाए, जिस पर सीएमओ यशवंत वर्मा ने राशि बढ़ाने और भवन अनुमति शुल्क निर्धारित करने की सहमति दी। बीटीआई रोड निर्माण से पहले सीमांकन कर अतिक्रमण हटाने की मांग जोर-शोर से उठी, जिसका उपाध्यक्ष भानु भदौरिया सहित अन्य पार्षदों ने समर्थन किया। मेले में सफाई कर्मियों को भेजने पर पार्षद मनोज जैन ने आपत्ति जताई। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि मेले के लिए अलग से अस्थाई कर्मी रखे जा रहे हैं।
परिजनों की उपस्थिति पर सवाल
बैठक में प्रतिबंध के बावजूद महिला पार्षदों के पति और बेटों की भारी मौजूदगी चर्चा का विषय रही। अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि परिजनों के हस्तक्षेप से बैठक की गरिमा प्रभावित हो रही है, फिर भी वे हर बार शामिल हो रहे हैं।


