ग्वालियर, 30 दिसम्बर। लगभग आधी शताब्दी से ग्वालियर व्यापार मेले का एक कोना अहमद परिवार की ढोलक व अन्य वाद्य यंत्रों की सुमधुर धमक व खनक से गुंजायमान होता आया है। उत्तरप्रदेश के अमरोहा जिले का निवासी अहमद परिवार पिछली तीन पीढ़ियों से ग्वालियर मेले में ढोलक की दुकान लगाता आया है।
इस साल अहमद परिवार की तीसरी पीढ़ी के सदस्य जावेद अली ने मेले की छत्री नं.14 में वाद्य यंत्रों की दुकान सजाई है। जावेद अली ने इस साल भी अपनी दुकान में ढोलक, तबला जोड़ी, बैंगो, कैंगो, ढपली, डमरू, हारमोनियम, झींका, मंजीरा व पायल इत्यादि वाद्य यंत्र लेकर आए। जावेद अली बताते हैं ग्वालियर-चंबल अंचल समेत समीपवर्ती धौलपुर, आगरा व झांसी सहित बुंदेलखंड के अन्य जिलों में उनके वाद्य यंत्रों की बड़ी मांग है।
यहां के कई संगीत प्रेमी व वाद्य यंत्रों के दुकानदार सालभर तक ग्वालियर मेले का इंतजार करते हैं और हमारी दुकानों से ढोलक, तबला व हारमोनियम इत्यादि वाद्य यंत्र खरीदते हैं। वे बताते हैं कि मेले में फुटकर से ज्यादा थोक में हमारे वाद्य यंत्र बिकते हैं। मेले में हर साल हमारी दुकान से औसतन 15 से 20 लाख रुपए की बिक्री होती है। अमरोहा से आए जावेद अली ने चर्चा के दौरान बताया कि मुझसे पहले मेरे वालिद जनाब समीम अहमद और उनसे भी पहले मेरे दादा जनाब सईद अहमद ग्वालियर मेले में दुकान लगाते थे। हमारे वाद्य यंत्रों की मांग ग्वालियर क्षेत्र ही नहीं संपूर्ण हिंदुस्तान में है और हम देश के अन्य मेलों में भी अपनी दुकान लगाते हैं। जावेद अली से जब ग्वालियर मेले की सुविधाओं के बारे में पूछा गया तो वे बोले कि अन्य मेलों की अपेक्षा ग्वालियर मेले में दुकानदारों की सुविधाओं का काफी ध्यान रखा जाता है। वे कहते हैं कि ग्वालियर क्षेत्र में पड़ने वाली ठंड को हम तब भूल जाते हैं जब संगीत की मिठास के व्यापार से हुई आमदनी से हमारे परिवार में खुशियों की रौनक फैलती है।
Friday, October 2
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण


