भिण्ड, 20 दिसम्बर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शा. एमजेएस महाविद्यालय भिण्ड में राष्ट्रीय गणित दिवस 2025 साप्ताहिक कार्यशाला का आयोजन प्राचार्य डॉ. आरए शर्मा के मार्गदर्शन और स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. मोहित कुमार दुबे के निर्देशन में किया जा रहा है।
इस अवसर पर महाविद्यालय में निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें गणित संकाय में स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में अध्यनरत विद्यार्थियों के अतिरिक्त अन्य संकाय में अध्ययन विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। निबंध प्रतियोगिता का शीर्षक ‘एआई के साथ रचनात्मक कला में गणित का महत्व: रामानुजन के संदर्भ मेंÓ रखा गया। जिसमें विद्यार्थियों ने शीर्षक को अपने शब्दों में बखूबी समझाया। भाषण प्रतियोगिता का शीर्षक ‘आर्यभट्ट से आई तक गणित का योगदान: नवाचार परंपरा मेंÓ रखा गया। जिसमें विद्यार्थियों ने उक्त शीर्षक को समय सीमा में कुशल वक्तव्य के माध्यम से वक्तव्य प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों द्वारा रामानुजन की जीवन व्यक्तित्व से लेकर शून्य से लेकर आधुनिक आई तक गणित के महत्व को समझाया गया।
कार्यशाला में प्रो. मोहित कुमार दुबे ने पीपीटी के माध्यम से गणित की सूझबूझ पहेलियां, वैदिक गणित, पजल्स और माइंड गेम हिंट टेक्निक द्वारा गणित के महत्वपूर्ण उपयोग और किस प्रकार आज गणित की तकनीक का उपयोग कर आधुनिक आई समाज को सारगर्भित कर रहा है के महत्व को विद्यार्थियों के साथ मैथ गेम द्वारा समझाया। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्रांति के केन्द्र में परस्पर जुड़ी हुई विधाओं का एक आकर्षक और जटिल जाल है, जिनमें से प्रत्येक गणित की मजबूत नींव पर आधारित है। एआई विकास में गणित के महत्व को सही मायने में समझने के लिए, हमें सबसे पहले उन मूलभूत अवधारणाओं को समझना होगा जो एआई परिदृश्य का निर्माण करती हैं। मशीन लर्निंग, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एक उपसमूह है, पूरी तरह से डेटा से सीखने पर आधारित है। गणितीय एल्गोरिदम को इस तरह से डिज़ाइन किया जाता है कि वे समय के साथ-साथ अधिक डेटा प्राप्त होने पर अनुकूलित और बेहतर होते जाते हैं। यह प्रक्रिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास का मूल आधार है और गणितीय सिद्धांतों पर टिकी हुई है। गणित केवल एक उपकरण नहीं है जिसका उपयोग एआई एल्गोरिदम करते हैं, यह वह भाषा है जिसके माध्यम से वे संवाद करते हैं, तर्क करते हैं और कार्य करते हैं। यह एक सुरुचिपूर्ण और सार्वभौमिक भाषा है जो एआई की असाधारण क्षमताओं को संभव बनाती है और जटिल वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने की क्षमता को खोलती है। आगे के अनुभागों में, हम विशिष्ट गणितीय अवधारणाओं और एआई में उनके अनुप्रयोगों का पता लगाएंगे, जिससे इस परिवर्तनकारी क्षेत्र की आंतरिक कार्यप्रणाली पर प्रकाश पड़ेगा। इस अवसर पर समस्त महाविद्यालय स्टाफ उपस्थित रहा।
Monday, September 28
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