– ड्यूटी के दौरान सागर सड़क हादसे में गंवाई थी जान
भिण्ड, 11 दिसम्बर। सागर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बम निरोधक दस्ता के आरक्षक प्रद्युम्न दीक्षित का अंतिम संस्कार गुरुवार को जिले के फूप कस्बे में किया गया। उनकी पत्नी ने चरण स्पर्श कर अंतिम विदाई दी। आरक्षक प्रद्युम्न दीक्षित के पिता बल्लभ दीक्षित ने कहा कि मेरी किस्मत फूट गई है। 70 साल की उम्र में ये दुख भगवान ने दिया है।
आरक्षक प्रद्युमन को अंत्येष्टि के दौरान 11 साल के बेटे ओम ने मुखाग्नि दी। इस मौके पर डीएसपी हेड क्वार्टर दीपक तोमर, फूप थाना पुलिस का स्टाफ और मुरैना से आए स्टाफ ने जवान प्रद्युम्न दीक्षित को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले प्रद्युम्न की अंतिम शव यात्रा निकाली गई। यात्रा में आस-पास क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। यहां बता दें कि हादसा बुधवार सुबह सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुआ था। मुरैना बीडीडीएस (बम निरोधक दस्ता) पुलिस टीम की गाड़ी सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। ये सभी जवान बालाघाट में नक्सल विरोधी अभियान में अपनी ड्यूटी पूरी कर वापस मुरैना लौट रहे थे। 4 पुलिस कर्मियों की मौके पर ही मौत हो गई, इनमें एक जवान फूप कस्बे का निवासी प्रद्युम्न दीक्षित भी है। उनका शव बुधवार की रात उनके गृहगांव फूप लाया गया था।


