– कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की जयंती पर की संगोष्ठी
भिण्ड, 19 नवम्बर। पूर्व प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी की जयंती पर ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस जनों ने इटावा चुंगी पर स्थित इन्दिरा जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जिला कांग्रेस कार्यालय पर संगोष्ठी का आयोजन किया।
संगोष्ठी में अध्यक्षता कर रहे ग्रामीण कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री आयरन लेडी भारत रत्न स्व. इन्दिरा गांधी को नमन करते हुए कहा कि प्रियदर्शिनी इन्दिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर 1917 में पं. जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के यहां हुआ, वे उनकी एकमात्र संतान थीं। उनके बाबा मोतीलाल नेहरू उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद से एक धनी बैरिस्टर थे। उन्होंने कहा कि इन्दिरा गांधी शुरू से ही स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय रहीं। बचपन में उन्होंने बाल चरखा संघ की स्थापना की और असहयोग आंदोलन के दौरान कांग्रेस पार्टी की सहायता के लिए 1930 में बच्चों के सहयोग से वानर सेना का निर्माण किया। सितंबर 1942 में उन्हें जेल में डाल दिया गया। 1947 में इन्होंने महात्मा गांधी के मार्गदर्शन में दिल्ली के दंगा प्रभावित क्षेत्रों में कार्य किया।
बघेल ने कहा कि वह 1966 में पहली बार प्रधानमंत्री बनीं और 1977 तक लगातार तीन पारियों के लिए इस पद पर रहीं। फिर 1980 में उन्होंने दोबारा प्रधानमंत्री का पद संभाला और 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मृत्यु तक इस पद पर रहीं। वह 2025 तक भारत की पहली और एकमात्र महिला प्रधान मंत्री थीं और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता के रूप में भारतीय राजनीति में एक केन्द्रीय व्यक्ति थीं। वह भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू की बेटी और राजीव गांधी व संजय गांधी की मां थीं। उनका संचयी कार्यकाल उन्हें अपने पिता के बाद दूसरी सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाली भारतीय प्रधानमंत्री बनाता है। उनकी आंतरिक और विदेश नीति बेमिसाल थीं। उनको एक सफल रणनीतिक, कूटनीतिक और राजनीतिक प्रधानमंत्री की रूप में पहचान मिली।
बघेल ने कहा कि उनके निर्भीक नेतृत्व, दूरदर्शी फैसलों और भारत की प्रगति के प्रति अटूट समर्पण ने देश को नई दिशा दी। हरित क्रांति से लेकर बांग्लादेश की मुक्ति तक, उनके साहसिक निर्णयों ने एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी, ऐसा भारत जो किसी भी महाशक्ति के आगे नहीं झुका। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण दृढ़ इच्छाशक्ति और नेतृत्व हमें आज भी प्रेरित करता है,साहस और संकल्प का दूसरा नाम था इन्दिरा, देश के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षक थीं। उन्होंने कहा कि उनके साहसिक निर्णय शक्ति और राष्ट्रहित के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।संचालन महेश जाटव एवं आभार रामस्वरूप गोयल ने किया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में पूर्व शहर जिलाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम शर्मा, रामहर्ष सिंह कुशवाह ब्रजेन्द्र सिंह कुशवाह (कल्लू), देवेन्द्र सिंह कुशवाह भारौली, महेश जाटव, रेखा भदौरिया, सुशीला नरवरिया, शांति कुशवाह, दर्शन सिंह तोमर, नयन सिंह कुशवाह, इरशाद अहमद, पंकज त्रिपाठी, संतोष त्रिपाठी, शिशुपाल सिंह भदौरिया, धर्मेन्द्र सिंह भदौरिया (रानू), रामस्वरूप गोयल, राहुल सिंह कुशवाह, गोपाल मिश्रा (आस्तिक), बलराम जाटव, सुल्तान सिंह नरवरिया, राजू सिंह लोधी, अरविन्द सोनी, विवेक जामोर, अभिलाख सिंह यादव, बलराम सिंह यादव, रामदुलारे नरवरिया, आरएस बौद्ध, अभिषेक मौर्य, विपिन बघेल, आकाश गोयल, संजय बघेल, प्रमोद बघेल, रोहित अर्गल सहित तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे।


