– सीआरपीएफ शौर्य दिवस पर राहुल गांधी ने किया वादा
– प्रमोशन और नेतृत्व में भेदभाव खत्म करने का आश्वासन
नई दिल्ली, 09 अप्रैल। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के शौर्य दिवस के अवसर पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो मौजूद भेदभावपूर्ण व्यवस्था को समाप्त करेगी और जवानों को उनका पूरा अधिकार दिलाया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में राहुल गांधी ने सीआरपीएफ के शौर्य दिवस पर जवानों की वीरता और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने लिखा कि सीएपीएफ के जवान देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, चाहे सीमाओं की रक्षा हो, आतंकवाद और नक्सलवाद से मुकाबला या फिर चुनाव जैसे लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना।
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में सीएपीएफ के भीतर प्रमोशन और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्षों की सेवा और समर्पण के बावजूद जवानों को समय पर पदोन्नति नहीं मिलती और उन्हें अपने ही बलों में शीर्ष नेतृत्व के अवसर से वंचित रखा जाता है। उनके अनुसार, उच्च पद अक्सर बाहरी अधिकारियों के लिए आरक्षित रहते हैं, जो एक तरह का संस्थागत भेदभाव है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बनने पर इस व्यवस्था को बदला जाएगा, ताकि सीएपीएफ के जवानों को शीर्ष पदों तक पहुंचने का समान अवसर मिल सके।
गौरतलब है कि सीएपीएफ के अंतर्गत देश के सात प्रमुख अर्धसैनिक बल आते हैं, जिनमें केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और असम राइफल्स शामिल हैं। ये सभी बल गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करते हैं और देश की आंतरिक व सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हैं।
राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद ने सीएपीएफ के लिए एक एकीकृत कानूनी ढांचा तैयार करने वाले विधेयक को मंजूरी दी है। इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क का उद्देश्य विभिन्न बलों के अलग-अलग सेवा नियमों को एक समान व्यवस्था में लाना है। हालांकि, विपक्ष के कई सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संसदीय समिति के पास भेजा जाना चाहिए था।


