भिण्ड। जिला चिकित्सालय में 17 वर्षीय मरीज की मौत के मामले में दो नियमित नर्सिंग अफसरों के निलंबन और चार संविदा नर्सिंग अफसरों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के विरोध में नर्सिंग एसोसिएशन ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन एडीएम एलके पांडेय को सौंपकर कार्रवाई पर सवाल उठाए।
नर्सिंग स्टाफ ने अस्पताल में मरीजों की संख्या के अनुपात में कर्मचारियों की कमी, उपकरणों की खराब स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने को प्रमुख समस्या बताया। एसोसिएशन ने ज्ञापन में कहा कि 4 सितंबर को 17 वर्षीय जानवी तोमर को तेज बुखार के चलते जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर से महिला मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया था। वार्ड में करीब 150 मरीज थे। एसोसिएशन के अनुसार 8 सितंबर को मरीज के वार्ड से अनुपस्थित मिलने के बाद उसकी फाइल में भी इसकी जानकारी दर्ज की गई। बाद में अटेंडर ने मरीज की निजी अस्पताल में मौत होने की जानकारी दी। इसके बाद सिविल सर्जन द्वारा दो नियमित नर्सिंग अफसर आरती राजावत और प्रियंका कौल को निलंबित किया गया। वहीं एनएचएम के चार नर्सिंग अफसर अभिलाषा बाजपेई, सीमा कौशल, देवेन्द्र सिंह और कमल किशोर की सेवा समाप्ति के लिए भोपाल कार्यालय को पत्र भेजा गया। एसोसिएशन ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए कहा कि मरीजों की अधिकता और स्टाफ की कमी की जिम्मेदारी केवल नर्सिंग स्टाफ पर डालना उचित नहीं है।
ज्ञापन में कहा गया है कि पहले दो महिला वार्डों में 12 नर्सिंग अफसर कार्यरत थे, लेकिन अब छह ही रह गए हैं। एक शिफ्ट में 150 से अधिक मरीजों पर दो नर्सिंग अफसरों की ड्यूटी लगाने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा वार्ड में पर्याप्त उपकरण नहीं हैं, ऑक्सीजन लाइन चालू नहीं है और ऑक्सीजन कन्संट्रेटर भी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। एसोसिएशन ने वार्ड में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था कराने और नर्सिंग स्टाफ पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करने की मांग की है।
Sunday, September 27
BREAKING
- गौरी किनारा मन्दिर में सोशल ग्रुप अजितनाथ ने की प्रभावना
- नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान का शानदार आगाज
- टीईटी परीक्षा को लेकर शिक्षकों का फूटा गुस्सा, कलेक्टर पर किया प्रदर्शन
- लला जैन के जूता गोदाम में लगी ,आग लाखों का नुकसान
- सड़क या गांव में आवारा घूम रहे गौवंश को नजदीकी गौशाला में भेजें : सीईओ
- गौरी सरोवर पर लगी बड़ी स्क्रीन पर छात्रों ने देखा राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम
- नीम करौली बाबा के जीवन पर आधारित फिल्म देखेंगे भिण्ड, ग्वालियर और मुरैना जिले के संत
- शिविर में 364 आवेदन हुए प्राप्त, 328 का मौके पर हुआ निराकरण


