डॉ. श्याम बिहारी शर्मा सेवा परिषद ट्रस्ट द्वारा गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस समारोह आयोजित
– मिट्टी से गणेश प्रतिमा परंपराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश : विद्यावती शर्मा
भिण्ड। डॉ. श्याम बिहारी शर्मा सेवा परिषद ट्रस्ट के तत्वावधान में गणेश चतुर्थी एवं हिंदी दिवस के पावन अवसर पर नगर की हॉउसिंग कॉलोनी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, साहित्य एवं हिंदी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति से बच्चों को जोड़ने के उद्देश्य से उन्हें मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर पूजा अर्चन के साथ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ.श्याम बिहारी शर्मा सेवा परिषद ट्रस्ट की अध्यक्ष विद्यावती शर्मा ने की। उन्होंने बच्चों को स्वयं अपने हाथों से मिट्टी के गणेश जी बनाने का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बच्चों को मिट्टी को आकार देने, मूर्ति तराशने के प्रयोग की बारीकियां बड़े ही सरल और रोचक ढंग से सिखाईं। बच्चों ने अत्यंत उत्साह के साथ माटी गणेश की सुंदर प्रतिमाएं बनाईं। पीओपी की मूर्तियों से होने वाले जल प्रदूषण को रोकने के लिए माटी गणेश की स्थापना श्रेष्ठ मार्ग है। बच्चों में इस तरह के संस्कार और हुनर का बीजारोपण करेंगे, तो हमारी आने वाली पीढ़ी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनेगी। मिट्टी से गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर हम अपनी परंपराओं को जीवित रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे सकते हैं।
मुख्य वक्ता प्रो. इकबाल अली ने कहा हिंदी मां भारती के भाल की बिंदी है, हिंदी केवल एक संवाद का माध्यम या भाषा भर नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना, परंपरा और राष्ट्रीय चेतना की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है। हिंदी को समृद्ध बनाने के लिए आवश्यक है कि हम अपने दैनिक जीवन में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें और नई पीढ़ी को हिंदी साहित्य एवं भाषा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि भाषा का सम्मान तभी सार्थक होगा, जब हम उसके प्रयोग को अपने व्यवहार और कार्यक्षेत्र का हिस्सा बनाएंगे।
विशिष्ट प्रतिभाओं का सारस्वत सम्मान
हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ट्रस्ट द्वारा भाषा, साहित्य तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रीति व्यास, डॉ. कमला नरवरिया, नीतमा कुशवाहा, राधा तोमर तथा प्रियंका राजावत को उनकी हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार में दिए गए अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं को माला शॉल एवं सम्मान-पत्र भेंट कर उनके कार्यों की सराहना की गई। उपस्थित जनसमूह ने करतल ध्वनि से सम्मानित प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया। सम्मान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों ने हिंदी भाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी में इसके प्रति रुचि विकसित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
प्रीति व्यास ने कहा मन की बात तो मातृभाषा में ही समाहित है, मातृभाषा अनौपचारिक होती है। डॉ. कमला नरवरिया ने उक्त उक्त पंक्तियों निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल के साथ कहा अपनी भाषा की उन्नति ही सभी प्रकार की उन्नति का मूल आधार है। नीतमा कुशवाहा, राधा तोमर तथा प्रियंका राजावत ने कविता के माध्यम से अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन हम फाउण्डेशन की ओर से शैलेश सक्सेना ने किया। दिनेश भदौरिया ने कार्यक्रम में उपस्थित सम्मानित प्रतिभाओं, बच्चों, अभिभावकों, ट्रस्ट के सदस्यों तथा हम फाउण्डेशन के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता सभी के सामूहिक सहयोग और सहभागिता का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में भी समाजहित एवं संस्कृति संरक्षण से जुड़े कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


