-भाविप जागृति शाखा का गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड। संसार में किसी भी महापुरुष या सफल व्यक्तित्व के निर्माण के पीछे निश्चित रूप से किसी न गुरु का त्याग, मार्गदर्शन और समर्पण भाव निहित होता है। गुरु द्वारा दी गई शिक्षा और संस्कार ही एक साधारण बालक को महानता के शिखर तक पहुंचाते हैं। यह पावन गुरु-शिष्य परंपरा अनादिकाल से हमारी सनातन संस्कृति की आधारशिला रही है। उक्त विचार भारत विकास परिषद शाखा जागृति की पूर्व अध्यक्ष ऊषा नगरिया ने इटावा रोड स्थित सनशाइन एकेडमी में आयोजित गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों को जीवन पर्यंत अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ और नतमस्तक रहना चाहिए, वहीं एक आदर्श शिक्षक का भी यह पावन दायित्व है कि वह अपने ज्ञान के संपूर्ण प्रकाश से विद्यार्थियों के भविष्य को आलोकित करे। भारत विकास परिषद के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि परिषद निरंतर ‘संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण के पंच-सूत्रों के माध्यम से समाज और बच्चों में राष्ट्रप्रेम व नैतिक मूल्यों को गढ़ने का कार्य कर रही है।
मेधावी प्रतिभाओं और शिक्षकों का सम्मान
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय के 12 उत्कृष्ट एवं मेधावी छात्र-छात्राओं सहित शिक्षण कार्य में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 4 श्रेष्ठ शिक्षकों को मेडल व प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में शाखा के वरिष्ठ सदस्य पवन जैन ने अपनी प्रेरक कविताओं और जीवन अनुभवों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में नई ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति एकाग्र रहने और अनुशासन को सफलता की कुंजी बनाने के गुर सिखाए।
इनकी रही उपस्थिति
इस अवसर पर प्रमुख रूप से शाखा अध्यक्ष गगना शर्मा, कैलाश नगरिया, ओमनारायण ओझा, रवीन्द्र भदौरिया, शिवम राजावत, प्रशांत पाठक, सोमपाल यादव सहित परिषद के अन्य सदस्य, विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।


