– जिले में नेशनल लोक अदालत आयोजित
भिण्ड। जिले में नेशनल लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिसका औपचारिक शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड केएस बारिया ने किया। इस अवसर पर समस्त न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अभिभाषक संघ भिण्ड के अध्यक्ष, पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
नेशनल लोक अदालत के आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 27 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था, जिनमें सुलहकर्ता सदस्य के रूप मे नामित अधिवक्तागण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील न्यायालय मेहगांव, गोहद एवं लहार में न्यायालयों में लंबित कुल 869 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल राशि 2 करोड़ 29 लाख 8 हजार 706 रुपए के अवार्ड पारित किए गए। उपरोक्त प्रकरणों के अतिरिक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों, जिनमें जलकर, सम्पत्तिकर, विद्युत, बीएसएनएल, बैंक आदि के कुल 1338 प्रकरणों का निराकरण किया गया, उपरोक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में कुल ए करोड़ 39 लाख 05 हजार 281 रुपए समझौता राशि रही। वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठों द्वारा कई मामलों में पक्षकारों के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुए दोनों पक्षों को मिलाने का कार्य किया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारों को पौधे भेंट कर उन्हे जीवन में विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह दी गई।
वर्षों से बिछड़े हुए परिवार फिर से हुए एक
सेना से सेवानिवृत्त पेंशनर राधेश्याम गुप्ता के खिलाफ उनकी पत्नी पूना देवी उम्र 76 वर्ष ने भरण-पोषण की याचिका दायर की थी। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। लोक अदालत में खण्डपीठ क्र.एक के पीठासीन अधिकारी प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय दिलीप कुमार गुप्ता के प्रयासों के परिणाम स्वरूप प्रकरण के दोनों पक्ष के मध्य राजीनामा हो गया। बातचीत के बाद दोनों पुराने मतभेद भुलाकर साथ रहने के लिए सहमत हुए। इसके बाद न्यायालय कक्ष में ही दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई।
इसी प्रकार पूनम का विवाह रामनिवास के साथ 12 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके दो पुत्र शिवम उम्र 9 वर्ष व सत्यम उम्र 5 वर्ष पैदा हुए। उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण पूनम अपने बच्चों सहित अपने पति रामनिवास से पृथक अपने मायके में निवास करने लगी थी। पूनम ने रामनिवास से भरण-पोषण राशि दिलाए जाने हेतू कुटुंब न्यायालय भिण्ड में याचिका पेश की थी। लोक अदालत में खण्डपीठ क्र.एक के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय भिण्ड दिलीप कुमार गुप्ता के प्रयासों के परिणामस्वरूप दोनों पक्ष के मध्य राजीनामा हो गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश केएस बारिया और प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय दिलीप गुप्ता की पहल पर राजीनामा करने वाले दंपतियों को पौधे भी भेंट किए गए। न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने दंपतियों से कहा कि जिस तरह पौधे की देखभाल करते हैं, उसी तरह रिश्तों की भी देखभाल करें।


