– निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
लहार / भिण्ड। सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक के दौरान लहार एसडीएम महेन्द्र सौजन्य द्वारा पटवारियों के साथ कथित रूप से किए गए अभद्र और अमर्यादित व्यवहार को लेकर मप्र पटवारी संघ ने कड़ा विरोध जताया है। संघ के जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर के नेतृत्व में पटवारियों के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
समीक्षा बैठक के नाम पर अपमानित करने का आरोप
कलेक्टर को दिए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि 8 सितंबर 2026 की शाम लगभग 7 बजे एसडीएम महेन्द्र सौजन्य के निर्देश पर पटवारियों को व्हाट्सएप संदेश और कार्यालयीन ऑपरेटर के माध्यम से एसडीएम कक्ष में बुलाया गया था। आरोप है कि जब पटवारी कक्ष में पहुंचे तो उनके साथ अत्यंत अपमानजनक लहजे में बात की गई।
महिला पटवारी के साथ अमर्यादित व्यवहार
ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि बैठक के दौरान एक महिला पटवारी के साथ भी एसडीएम कक्ष में अमर्यादित व्यवहार किया गया। नायब तहसीलदार द्वारा महिला पटवारी को बैठने के लिए कहे जाने पर एसडीएम ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यहां क्या मेरी शक्ल देखने आई हैं? बैठने के लिए किसने कहा? तथा जब तक न कहा कि जाए तब तक खड़े रहने की हिदायत दी गई। पटवारी संघ ने इस घटना की प्रत्यक्षदर्शियों (उपस्थित पटवारियों व नायब तहसीलदार) के समक्ष निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
बिना नोटिस दण्डात्मक कार्रवाईयों पर जताई आपत्ति
पटवारी संघ ने पूर्व में एसडीएम द्वारा पटवारियों पर की गई निलंबन, वेतन रोकने और वेतन कटौती जैसी दण्डात्मक कार्रवाईयों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि यह जांच की जाए कि इन प्रकरणों में संबंधित पटवारियों को नियमानुसार कारण बताओ नोटिस, स्पष्टीकरण और सुनवाई का अवसर दिया गया था या नहीं।
पीएम किसान योजनाओं के तकनीकी अधिकारों का मुद्दा
ज्ञापन में पीएम किसान योजना से जुड़ी सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। जिलाध्यक्ष विनायक सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि पीएम किसान पोर्टल पर फार्म भरने, संशोधन करने, स्टेटस बदलने या शिकायत बंद करने के तकनीकी अधिकार पटवारी स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद इन लंबित शिकायतों के लिए पटवारियों को जिम्मेदार मानकर दण्डित करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।


