– पूर्व मंत्री डॉ. गोविन्द सिंह ने डकैती कानून पर हाईकोर्ट में की याचिका दायर
भिण्ड। प्रदेश में कोई सूचीबद्ध डकैत गिरोह सक्रिय नहीं है। इसके बावजूद करीब 45 साल पुराना मध्य प्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 अब भी लागू है। इसे लेकर लहार के पूर्व विधायक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविन्द सिंह ने ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। उन्होंने इस कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है।
डॉ. गोविन्द सिंह का कहना है कि 1981 में कानून बनाए जाने के समय जैसी परिस्थितियां थीं, वे अब बदल चुकी हैं। चंबल समेत जिन क्षेत्रों को कभी डकैत प्रभावित माना जाता था, वहां अब पहले जैसी दस्यु गतिविधियां नहीं हैं। याचिका में सवाल उठाया गया है कि जब प्रदेश सरकार विधानसभा में यह स्वीकार कर चुकी है कि राज्य में कोई सूचीबद्ध डकैत गिरोह सक्रिय नहीं है, तो डकैत प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनाया गया विशेष कानून अब भी क्यों लागू है। याचिका में कानून की धारा 11 और 13 के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सामान्य आपराधिक मामलों में भी इन धाराओं का इस्तेमाल किया जाता है। इससे आम नागरिकों को कठोर कानूनी प्रावधानों का सामना करना पड़ता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे संविधान के अनुच्छेद 14 में मिले समानता के अधिकार और अनुच्छेद 21 में मिले जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार प्रभावित होते हैं। इसलिए कानून के मौजूदा औचित्य और इसके प्रावधानों की संवैधानिक जांच जरूरी है।


