– लहार नगर में संघ का युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित
भिण्ड ब्यूरो – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। शताब्दी वर्ष के तहत वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला में लहार नगर में युवा संवाद कार्यक्रम सांदीपनि विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम राष्ट्र गीत के साथ हुआ। युवा संवाद कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रांत पर्यावरण संयोजक शिवशंकर जी एवं हरविलास चौहान मंचासीन रहे।
मुख्य वक्ता शिवशंकर जी ने युवाओं की जिज्ञासा का समाधान किया एवं उनके मन में उठ रहे प्रश्नों का उत्तर दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय विचारधारा के साथ खड़े रहना ही राष्ट्रीय धर्म है, हमारे देश का युवा ही समाज में परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं, भारत का युवा बहुआयामी प्रतिभा का धनी है, आज के युवा वर्ग को नौकरी लेने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। पहले हर गांव एक औद्योगिक इकाई होती थी, गांव में सभी प्रकार के रोजगार थे, आज युवाओं के मन में स्वार्थ के साथ परमार्थ का भाव जागृत होना चाहिए, कौशल युक्त शिक्षा होनी चाहिए, जो उन्हें नौकर की जगह मालिक बनाए। भारत में देशभक्ति के लिए चंबल की माटी जानी जाती है, यहां का युवा देशभक्ति की भावना के साथ सेना एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था मैं बोलता हूं तो भारत बोलता है, मैं चलता हूं तो भारत चलता है, जो चरित्रवान है, प्रामाणिक है, वही युवा है, युवा जब पूजता है तो भारत को पूजता है, हमारे अंतर्मन में भारत के भविष्य के सपने बसे हैं, जिस देश के युवा के हृदय में अपने देश का अतीत हो देश के गौरव का स्मरण हो वह देश निश्चित ही परम वैभव पर पहुंचेगा।
उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के साथ संवाद होना चाहिए, आज के युवाओं के मन में जो प्रश्न है वह अपने प्रश्नों का उत्तर चाहते हैं और संवाद चाहते हैं, इसलिए युवाओं के साथ संवाद होना आवश्यक है, आज के युवाओं के मन में प्रश्न होना चाहिए कि जिस राष्ट्रगीत से, राष्ट्रगान से देश आजाद हुआ था उसके लिए इतना विवाद क्यों हो रहा है, यह हमारे देश की विडंबना है कि आज भी वंदे मातरम का विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि संघ की शाखा व्यक्ति निर्माण का कार्य करती है, संघ की शाखा में आने वाले साधारण से स्वयंसेवक असाधारण कार्य करते हैं एवं उनमें नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है। किसी भी त्रासदी आपदा के समय संघ का स्वयंसेवक सबसे पहले सेवा के लिए खड़ा दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्रभक्ति भावना से नहीं जुड़ेगा तब तक देश परम वैभव पर नहीं पहुंच सकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।


