भिण्ड ब्यूरो – जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने टीईटी परीक्षा के विरोध में शनिवार को दिल्ली जा रहे शिक्षकों को भिण्ड में पुलिस द्वारा रोकने और घण्टों तक परेशान किए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला दमन बताया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामशेष बघेल ने कहा कि जिन शिक्षकों ने वर्षों तक बच्चों को शिक्षा देकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया, आज वही गुरुजन 50 वर्ष की आयु में दोबारा टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में अपनी बात रखने दिल्ली जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। शिक्षक हाथ जोड़कर प्रशासन से केवल अपनी बात रखने की अनुमति मांगते रहे पर उनकी एक नहीं सुनी गई। अंतत: उन्हें कोतवाली पहुंचकर एसडीएम एवं सीएसपी को ज्ञापन सौंपकर वापस लौटना पड़ा। यह घटना प्रदेश की भाजपा सरकार की शिक्षक विरोधी मानसिकता और तानाशाही कार्यशैली को उजागर करती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की पीड़ा सुनने के बजाय उन्हें रोकने और अपमानित करने का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए। गुरुजनों के साथ किया गया इस प्रकार का व्यवहार पूरे शिक्षा जगत का अपमान है, जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर स्वीकार एवं बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने मांग की कि शिक्षकों की जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए, उम्रदराज हो चुके शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता जैसे मुद्दे का व्यावहारिक समाधान निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की लगातार उपेक्षा की गई तो कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी।
Wednesday, September 30
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